पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दिन एक विवाद के साथ समाप्त हुआ। कुचायकोट से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडे, जिन्हें ‘पप्पू पांडे’ के नाम से भी जाना जाता है, पर विधानसभा पोर्टिको में नोट उड़ाने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने संसदीय मर्यादा और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
होली की बक्शीश या अनुशासनहीनता?
सत्र समाप्त होने के बाद जब विधायक पप्पू पांडे बाहर निकले, तो उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को ‘होली की बक्शीश’ देना शुरू किया। देखते ही देखते कर्मचारियों की भारी भीड़ जुट गई। स्थिति तब और असहज हो गई जब विधायक ने हवा में 500-500 के नोट उड़ाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विधानसभा के कर्मचारी और यहां तक कि मार्शल भी पैसे लूटते नजर आ रहे हैं।
अध्यक्ष कर सकते हैं कड़ी कार्रवाई
विधानसभा परिसर के भीतर इस तरह का व्यवहार घोर अनुशासनहीनता माना जाता है। जानकारों के अनुसार, पोर्टिको में पैसे उड़ाना संसदीय परंपराओं के विपरीत है। विधानसभा अध्यक्ष को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने और जांच के आदेश देने का पूर्ण अधिकार है। संभावना जताई जा रही है कि अध्यक्ष विधायक को कड़ी हिदायत देने के साथ-साथ, ड्यूटी पर मौजूद उन मार्शलों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं जो मर्यादा भूलकर नोट बटोरने में शामिल थे।
छह बार के विधायक और दिग्गज नेता हैं पप्पू पांडे
अमरेंद्र कुमार पांडे बिहार की राजनीति के दिग्गज चेहरे हैं। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस प्रत्याशी को 24,365 वोटों से हराकर छठी बार जीत दर्ज की है। वर्तमान में वे विधानसभा की ‘प्रश्न एवं ध्यान आकर्षण समिति’ के सह-अध्यक्ष और जदयू के प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हैं। ऐसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह की घटना ने सियासी गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
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