पटना। ​बिहार के मौसम में अचानक आए बदलाव ने राज्य के कई हिस्सों में हलचल बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज यानी मंगलवार को प्रदेश के 20 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (ठनका) की प्रबल आशंका है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

​क्यों बदला मौसम का मिजाज?

​मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव के दो प्रमुख कारण हैं:
​पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश हो रही है, जिसका सीधा असर बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है।

​नया वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी के पास विकसित हो रहे नए सिस्टम की वजह से हवा में नमी बढ़ गई है, जो बादल बनने और बारिश के लिए अनुकूल स्थिति पैदा कर रही है।

​11 मार्च तक सावधानी जरूरी

​मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रभाव 11 मार्च की रात तक बना रहेगा। हालांकि भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन मेघ गर्जन और बिजली गिरने के खतरों को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

​12 मार्च से चढ़ेगा पारा

​राहत की बात यह है कि 12 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने लगेगा। इसके बाद आसमान साफ होगा और तेज धूप निकलेगी। वर्तमान में अधिकतम तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जो 12 मार्च के बाद बढ़कर 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में गर्मी का अहसास और भी तीव्र होने की संभावना है।