वीरेंद्र कुमार/नालंदा। न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में बिहार शरीफ में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला मध्यस्थता केंद्र में सुपरवाइजिंग कमेटी की अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आपसी सहमति से मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर दिया गया। बिहार शरीफ स्थित जिला मध्यस्थता केंद्र में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता रविंद्र कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने की। बैठक के दौरान न्यायिक प्रक्रिया को आम जनता के लिए सरल और कम खर्चीला बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

मेडिएशन फॉर द नेशन 2.4 अभियान पर हुआ विचार-विमर्श

बैठक में ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 2.4’ कार्यक्रम पर विशेष रूप से चर्चा की गई। यह राष्ट्रीय स्तर का अभियान 2 जनवरी से प्रारंभ हुआ है, जिसका उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से विवादों का समाधान करना है।

मामलों का होगा निपटारा

जानकारी दी गई कि इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के सुलहनीय एवं आपसी सहमति योग्य मामलों की सुनवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की सहमति से ऐसे मामलों का निपटारा 1 फरवरी से 31 मार्च के बीच विशेष अभियान के तहत किया जाएगा।

मध्यस्थता से मिलेगा त्वरित और सौहार्दपूर्ण न्याय

इस अवसर पर अध्यक्ष रविंद्र कुमार ने कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया से न केवल न्यायालयों पर बढ़ता बोझ कम होगा, बल्कि पक्षकारों को त्वरित, सस्ता और सौहार्दपूर्ण न्याय भी मिलेगा। उन्होंने आम नागरिकों से इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

बैठक में रणविजय कुमार, एडीजे-3, राजेश कुमार गौरव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सह सब जज सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।