बिलासपुर। एफटीएल, प्रवासी, श्रमिकों और विद्यार्थियों को गैस कंपनी ने बड़ी राहत देते हुए बिना कार्ड 5 किलो गैस सिलेंडर 564 रुपए में उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की है. इस व्यवस्था का उद्देश्य इन वर्गों को ईंधन संकट से बचाना और सुचारू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
शहर में गैस आपूर्ति को लेकर सामने आ रही दिक्कतों के बीच शुक्रवार को प्रशासन और गैस कंपनियों ने एक अहम कदम उठाया है. अब एफटीएल, प्रवासी, श्रमिकों और विद्यार्थियों को बिना कार्ड भी सस्ती दर पर गैस उपलब्ध कराई जाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत 5 किलो का गैस 112 रुपये प्रति किलो की दर से दिया जाएगा. सोमवार को कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई.

बैठक में गैस वितरकों और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया कि इन वर्गों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े. खासतौर पर छात्र और माइग्रेट उपभोक्ता यानी जो अस्थायी तौर पर रहता है उसको इसका लाभ मिलेगा ऐसे अवसर यानी देश भर में गैस की किल्लत की बात चल रही है. तो वे दस्तावेजों के अभाव में गैस सुविधा से वंचित रह जाते हैं, उन्हें इस पहल से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इसके लिए गैस कम्पनी ने संबंधित या निकट के गैस एजेंसी में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर गैस पा सकेंगे.
कालाबाजारी और किल्लत से मुक्ति
प्रशासन ने गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस योजना का लाभ पात्र उपभोक्ताओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी प्रकार की कालाबाजारी या अतिरिक्त वसूली न हो. अधिकारियों ने कहा इस पहल को आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है. इससे न केवल गैस की किल्लत कम होगी, बल्कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं को आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सकेगा.
छोटा सिलेंडर, बड़ा झटका
गैस उपभोक्ताओं को राहत के नाम पर 5 किलो सिलेंडर की उपलब्धता तो आसान हुई है, लेकिन कीमत के मामले में यह सबसे महंगा साबित हो रहा है. जानकारी के अनुसार 14 किलो घरेलू गैस करीब 71 रुपये प्रति किलो और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर 111 रुपए प्रति किलो के आसपास मिल रहा है, जबकि 5 किलो सिलेंडर की दर इससे अधिक पड़ रही है. ऐसे में सुविधा के साथ महंगाई की मार भी झेलनी पड़ेगी.
शराब के लिए बार संचालक से मारपीट
बिलासपुर। तारबाहर थाना क्षेत्र में देर रात एक बार संचालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. घटना 31 मार्च की रात 12:50 बजे की बताई जा रही है.
तारबाहर टीआई रविन्द्र अनंत ने बताया कि भारती नगर एल-3 निवासी पीड़ित मो. तौसीफ एमिगोस बार का संचालक है को टिकरापारा निवासी नाजिम खान का लगातार फोन आ रहा था. कॉल रिसीव करने पर आरोपी ने शराब की मांग की, जिस पर बार संचालक ने बार बंद होने की बात कहकर मना कर दिया. इस बात से नाराज होकर आरोपी ने फोन पर गाली- गलौज शुरू कर दी और बार में तोड़फोड़ करने की धमकी दी.
इसके बाद पीड़ित तुरंत एमिगोस बार पहुंचा, जहां नाजिम खान अपने दो साथियों सैय्यान बुखारी और सलमान खान के साथ मौजूद था. तीनों आरोपियों ने फिर से शराब की मांग की और मना करने पर पैसे देने का दबाव बनाया. जब पीड़ित ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट शुरू कर दी.
आरोप है कि नाजिम खान ने डंडे से पीड़ित के बाएं कनपटी पर वार किया, जबकि उसके दोनों साथियों ने थप्पड़ और मुक्कों से हमला किया. इस हमले में पीड़ित के सिर, कोहनी और पैर में चोटें आई हैं. घटना के दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ऐतेसाम खान और सदीप राम ने बीच-बचाव किया. इसी दौरान पुलिस पेट्रोलिंग वाहन के सायरन की आवाज सुनकर तीनों आरोपी अपनी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए. घायल बार संचालक ने सिर में दर्द के कारण पहले अस्पताल में उपचार कराया. जिसके बाद थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
GPM में आज से तीन चरणों में आयोजित होगा राजस्व पखवाड़ा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए 1 अप्रैल बुधवार से जिले के सभी तहसीलों के अंतर्गत आने वाले हल्के एवं उनके अधीनस्थ ग्राम पंचायतों के ग्रामों में ‘राजस्व पखवाड़ा’ आयोजित किया जा रहा है.
‘राजस्व पखवाड़ा’ माह अप्रैल से जून तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा. जिसके अंतर्गत अप्रैल में 1 से 15 अप्रैल, मई में 4 से 18 मई तथा जून में 1 से 15 जून 2026 तक राजस्व पखवाड़ा आयोजित होगा. राजस्व पखवाड़ा में अविवादित नामांतरण, अविवादित खाता विभाजन के समय-सीमा के बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण, सीमांकन (ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों), व्यपवर्तन, वृक्ष कटाई का समय सीमा से बाहर के प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण, नक्शा बंटाकन की प्रगति, भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाइल नंबर, किसान किताब एवं जेंडर की प्रविष्टि शत प्रतिशत, शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदन जैसे फौती नामांतरण एवं बँटवारा, अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन अपलोड पर हल्का पटवारी द्वारा प्रतिवेदन, पंचनामा, सूची की प्रविष्टि एवं नोटिस ईश्तिहार जारी कर पक्षकारों को तामिली कराना एवं निराकरण करना कार्ययोजना में शामिल है.
राजस्व पखवाड़ा के पहले चरण में 1 अप्रैल को पेंड्रारोड तहसील के ग्राम झिरनापोडी, मेडूका, भस्कुरा, दर्री, अधियारखोह, गांगपूर, गिरवर, धनौली, देवरगांव, केंवची, तराईगावं में शिविर लगेगा. 2 अप्रैल को हर्री, हर्राटोला, झगराखांड, चुकतीपानी, आमाडोब, पतरकोनी, टीकरकला टीकरसानी, भदौरा, नेवरी – नवापारा, गौरखेडा, करगीखुर्द, डुगरा, लमना, आमगांव में शिविर लगेगा.
रनवे की लंबाई घटने से बिलासा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग में संशय
बिलासपुर। दो दिन पहले बिलासा देवी केंवटीन हवाई अड्डे से नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने की बात कही गई. रात को पहला विमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बिलासपुर से रायपुर के लिए उड़ी. इसके बाद जल्द यात्री विमानों के शुरू होने की संभावना बढ़ गई थी. लेकिन तकनीकी बाधाओं के कारण स्थानीय एयरपोर्ट से रात में उड़ान भरने का सपना अधूरा रह जाएगा. हवाई अड्डे के रनवे की कुल लंबाई 1490 मीटर है, लेकिन नए रेसा ( रनवे एंड सिक्योरिटी एरिया) के निर्माण के कारण करीब 50 मीटर हिस्सा उपयोग से बाहर हो गया है. इससे प्रभावी रनवे की लंबाई घटकर लगभग 1440 मीटर रह गई है.
स्थानीय एयरपोर्ट के रनवे की कुल लंबाई 1490 मीटर है, लेकिन नए रेसा ( रनवे एंड सिक्योरिटी एरिया) के निर्माण के कारण करीब 50 मीटर हिस्सा उपयोग से बाहर हो गया है. इससे प्रभावी रनवे की लंबाई घटकर लगभग 1440 मीटर रह गई है. इससे नाइट लैडिंग की सुविधा शुरू होने के बाद भी रात में उड़ान को लेकर संशय गहरा गया है. करोड़ों रुपए की नाइट लैंडिंग की सुविधा फिलहाल अधूरी और बेअसर नजर आ रही है. हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने तकनीकी विसंगतियों को तत्काल दूर कर नाइट लैंडिंग शुरू करने की मांग की है.
जीडीसीए द्वारा नाइट लैंडिंग की अनुमति केवल दक्षिण दिशा से दी गई है, जबकि उत्तर दिशा में नए रेसा निर्माण के चलते रनवे का उपयोग सीमित हो गया है. इसका सीधा असर उड़ानों पर पड़ रहा है. हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि रनवे घटने के कारण विमान कंपनियों को यात्रियों की संख्या घटानी पड़ रही है. वर्तमान में दिन के समय उड़ानें संचालित हो रही हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या घटकर लगभग 52 तक सीमित कर दी गई है. नाइट लैंडिंग अभी भी शुरू नहीं हो पाई है.
समिति ने यह भी कहा कि एलाइंस एयर के रनवे डायग्राम के अनुसार 1490 मीटर की आवश्यकता होती है, ऐसे में मौजूदा स्थिति में नाइट लैंडिंग संभव नहीं दिख रह है. लगभग 15 दिन पहले ही विमानन विभाग द्वारा आवश्यक परीक्षण पूरे किए जा चुके थे, ऐसे में वीआईपी विमान के टेकऑफ को उद्घाटन का रूप देना औपचारिकता भर है. नाइट लैंडिंग का लाभ यात्री उड़ानों को नहीं मिल पाएगा.
नए सकरी विद्युत संभाग कार्यालय का शुभारंभ आज
बिलासपुर। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा देने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. नवसृजित संभागीय कार्यालय संभाग-2 सकरी का शुभारंभ 1 अप्रैल को होने जा रहा है. इस नए कार्यालय का उद्घाटन कार्यक्रम सकरी स्थित अरपा सिंचाई कॉलोनी, सेक्टर – सी में आयोजित किया गया है.
इस नए संभाग के गठन से क्षेत्र के हजारों बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं और तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान मिल सकेगा. नए संभाग क्षेत्र के लगभग 1.06 लाख उपभोक्ताओं के लिए गेम चेंजर साबित होगा . सकरी और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को अब बिजली संबंधी कार्यों के लिए शहर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा. नए डिवीजन में तखतपुर विधानसभा के 170 ग्राम, कोटा विधानसभा के 164 ग्राम और बिल्हा, बेलतरा विधानसभा के 10 ग्राम सहित 344 ग्राम शामिल किया गया है.
प्रशासनिक सुचारूता के लिए इसे 4 उपसंभागों (सकरी, कोटा, रतनपुर और तखतपुर) तथा 11 वितरण केंद्रों में विभाजित किया गया है. इन केंद्रों में सकरी, गनियारी, कोटा टाउन, कोटा ग्रामीण, रतनपुर, बेलगहना, चपोरा, तखतपुर टाउन, तखतपुर ग्रामीण, दैजा और जूनापारा शामिल हैं. कुल निम्नदाब उपभोक्ताः 1,06,926 होंगे. जिसमें लगभग 62,000 घरेलू और 14,000 कृषि पंप शामिल हैं. उच्चदाब उपभोक्ता 47 है. संभाग के पास 4,731 किलो मीटर लंबी एलटी लाइन और 4,608 वितरण ट्रांसफार्मर का जाल है.
ईई ऑफिस के उद्घाटन में जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूदः कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह होंगे. अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे. अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव और विशिष्ट अतिथि महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी के साथ क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष और पार्षद भी इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे.
बिलासपुर निगम ने राजस्व वसूली में किया 100 करोड़ का आंकड़ा पार
बिलासपुर। पहली बार नगर निगम बिलासपुर ने राजस्व में मार्च महीने तक 100 करोड़ वसूल लिया है. पुराने अपने सभी रिकार्ड को तोड़ते हुए नगर निगम ने 31 मार्च तक समस्त राजस्व आय में वृद्धि करते हुए 102 करोड़ 32 लाख रुपए वसूला है. शासन द्वारा कर भुगतान में एक माह 30 अप्रैल तक दिए छूट के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा. पिछले वर्ष से अधिक वसूली के लक्ष्य पूरा करने के लिए निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने सभी आरआई और एआरआई को 30 अप्रैल तक वसूली पूरा करने के निर्देश दिए और राजस्व वसूली में वृद्धि होने पर टीम का उत्साहवर्धन भी किया.
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने संपत्तिकर, समेकित यूजर चार्ज, भूखण्ड, दुकान, नीलामी, किराया समेत अन्य स्त्रोत को मिलाकर 31 मार्च तक 90 करोड़ 11 लाख वसूला था, जो रिकार्ड था. मगर इस साल पूर्व निर्धारित तिथि 31 मार्च तक निगम ने पुराने रिकार्ड को तोड़ते हुए 102 करोड़ 32 लाख की वसूली की है. इस साल सबसे खास बात यह है की राजस्व का मुख्य आधार संपत्तिकर, समेकित और यूजर चार्ज को मिलाकर 62 करोड़ 68 लाख 40 हजार वसूला गया है. दुकान, भूखण्ड, किराया समेत अन्य स्त्रोत से 37 करोड़ 93 लाख 86 हजार वसूला गया है.
ग्रीष्मकालीन अवकाश में शिक्षक करेंगे जनगणना ड्यूटी
बिलासपुर। शिक्षा के मंदिर से निकलकर अब शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण के सबसे बड़े अभियान यानी ‘जनगणना’ के मैदान में उतरने जा रहे हैं. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच, जब स्कूल बंद रहेंगे, तब प्रदेश के हजारों सहायक शिक्षक और शिक्षक घर-घर जाकर डेटा जुटाने का काम करेंगे. शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों की सूची तहसीलदारों को सौंप दी है, जिसके बाद अब ड्यूटी और ट्रेनिंग का चार्ट तैयार हो गया है. शिक्षक 1 मई से जनगणना के कार्य में लग जाएंगे. आगामी जनगणना को लेकर शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है. इस बार सहायक शिक्षकों और शिक्षकों को प्रगणक के रूप में तैनात करने की तैयारी पूरी हो चुकी है.
शिक्षा विभाग ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी सहायक शिक्षकों और शिक्षकों का डेटा संकलित कर तहसील कार्यालयों को भेज दिया है. अब तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन इन सूचियों के आधार पर शिक्षकों की ड्यूटी अलग- अलग वार्डों और ग्राम पंचायतों में तय करेंगे. जनगणना का कार्य तकनीकी और संवेदनशील होता है, इसलिए इसे चरणों में पूरा किया जा रहा है. मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग शुरू हो गई है. जो अप्रैल माह में जनगणना का कार्य करने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे. इसमें उन्हें मोबाइल ऐप और रजिस्टर में डेटा एंट्री के तरीके सिखाए जाएंगे. शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में एक मई से लगेगी.
उसी दिन अवकाश से स्कूलों में ग्रीष्मकालीन शुरू होती है. उस दौरान शिक्षकों को भीषण गर्मी में आबंटित इलाके में घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों की जानकारी इक्कठा करनी होगी. जहां एक ओर छात्र गर्मियों की छुट्टियों का आनंद लेंगे, वहीं शिक्षक 1 मई से हाथ में मोबाइल और रजिस्टर लेकर प्रगणना के काम में जुट जाएंगे. इस बार की जनगणना कागज पेन तक सीमित नहीं है. शिक्षकों को विशेष मोबाइल ऐप की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे डेटा सीधा सर्वर पर अपलोड होगा.
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