Bilaspur News Update : बिलासपुर। रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने ई-टिकिट की दलाली करने वाले टिकिट दलालों के खिलाफ आपरेशन उपलब्ध के तहत अभियान चलाकर 277 दलालों को पकड़कर उनके पास से 62.10 लाख रुपए की टिकिट बरामद की है। इन टिकिट दलालों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

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ट्रेनों में भीड़ और बर्थ कंफर्म नहीं होने का सबसे अधिक फायदा टिकिट दलालों को होता है, जो यात्रियो को दोगुना किराए की राशि लेकर टिकिट उपलब्ध कराते हैं। ऐसे दलाल आईआरसीटीसी के लायसेंसी भी नहीं रहते हैं, जिसके कारण रेलवे को करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ता है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आरपीएफ की टीम बिना लायसेंस वाले दलालों के खिलाफ कार्रवाई करती है, जिसके बावजूद दलाल अपनी हरकत से बाज नहीं आते हैं। इसी तरह आरपीएफ की टीम ने आपरेशन उपलब्ध के तहत वर्ष 2024 में अभियान चलाया था। इस अभियान में 331 टिकिट दलालों को गिरफ्तार करने के बाद 1 करोड़ 27 लाख रुपए की टिकिट जब्त की गई थी। यह मुहिम तीनों डिवीजन नागपुर, बिलासपुर और रायपुर में वर्ष 2025 में भी शुरु किया गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 277 दलालों की गिरफ्तारी की गई और उनसे 62.10 लाख रुपए की ई-टिकिट व अन्य उपकरणों को जब्त कर रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा आपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत 303 आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया और आपरेशन नन्हें फरिश्ते के माध्यम से घर से बिछड़े बच्चों को सुरक्षित बचाकर उनके परिजन को सुपुर्द किया गया है। वहीं मानव तस्करी की रोकथाम हेतु आपरेशन आहट के अंतर्गत सात तस्करों को गिरफ्तार कर 12 लोगों को मुक्त कराने के अलावा आपरेशन नारकोस का अभियान चलाकर 63 मामलों में 78 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.70 करोड़ रुपए के 713.522 किलो गांजा जब्त किया गया है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी की पिटीशन सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

बिलासपुर। 109 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के मामले में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने एसएलपी के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू फाइल किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इस गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने रिव्यू के आदेश को चुनौती देते हुए क्युरटिव पिटीशन फाइल किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कार्यरत 109 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 5 मार्च 2008 के छग शासन के नियमितीकरण आदेश के आधार पर 26 अगस्त 2008 को नियमित किया गया था। 15 जनवरी 2009 को गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी बन गई और सभी 109 कर्मचारी नियमित कर्मचारी के रूप में सेंट्रल यूनिवर्सिटी का हिस्सा बने। सबने उपरोक्त आदेश के अनुशरण में यूनिवर्सिटी में काम करना शुरू कर दिया और 31 मार्च 2009 तक 8,209 रुपए वेतन प्राप्त किया। अचानक बिना किसी नोटिस के उनका वेतन वापस ले लिया गया और अप्रैल 2009 से कलेक्टर दर पर भुगतान किया गया। याचिकाकर्ताओं ने इसे उच्च न्यायालय के समक्ष रिट याचिका प्रस्तत कर चनौती दी। उक्त रिट याचिकाओं के लंबित रहने के दौरान याचिकाकर्ताओं के नियमितीकरण आदेश 19 फरवरी 2010 के आदेश रद्द कर दिया गया था।
याचिकाकर्ताओं ने रिट याचिका के माध्यम से न्यायालय समक्ष 19 फरवरी 2010 के आदेश को चुनौती दी गई, जिसके द्वारा 26 अगस्त 2008 को जारी नियमितीकरण आदेश को 22 सितंबर 2008 से रद्द कर दिया गया था। छग उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने 6 मार्च 2023 को आदेश पारित करते हुए कहा कि ऊपर बताई गई चर्चा के आधार पर 19 फरवरी 2010 का विवादित आदेश टिकने लायक नहीं है और इसलिए इसे रद्द किया जाता है। इसके नतीजे में याचिकाकर्ता यूनिवर्सिटी के रेगुलर कर्मचारी माने जाएंगे और उनका रेगुलराइजेशन एक्ट 2009 के सेक्शन 4 डी के तहत सुरक्षित रहेगा। याचिकाकर्ता 26 जून 2008 के आदेश मताबिक अपनी सेवाओं के रेगलराइजेशन की तारीख से रेगुलर कर्मचारी के तौर पर सभी फायदे पाने के हकदार होंगे। नतीजतन ऊपर बताई गई याचिका मंजूर की जाती है।

सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए सीयू ने रिट अपील फाइल की थी, डिवीजन बेंच ने सभी रिट अपील याचिकाओं को खारिज कर दिया था। सीयू ने सभी आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एसएलपी फाइल की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2024 को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ताओं ने छग उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के पास किए गए आदेश के पालन के लिए रेस्पोंडेंट अथारिटीज के सामने एप्लीकेशन दिया था। लेकिन यूनिवर्सिटी के कुलपति और रजिस्ट्रार एवं एमएचआरडी के सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया गया। गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी ने एसएलपी के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने रिव्यू फाइल किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी ने रिव्यू के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के सामने क्युरटिव पिटीशन फाइल की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आदेश 2 दिसंबर 2025 को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता दीपाली पांडे ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और सप्रीम कोर्ट में पैरवी की।

शराब के नशे में कार सवार 2 युवक गिरफ्तार

बिलासपुर। नशे में कार में घूमते हुए पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया। मौका मिलते ही दोनों कार से भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर कार सहित दोनों युवकों को पकड़कर गिरफ्तार कर लिया है। 4 जनवरी की रात कोनी टीआई मावेश शेंडे स्टाफ के साथ क्षेत्र में गश्त कर संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच कर रहे थे। इसी दौरान कार क्रमांक सीजी 10 एडी, 4488 को रोककर पूछताछ की जा रही थी। शराब की गंध आने पर बीद एनालाइजर में फूंक मारने को कहा। इस पर कार सवार दोनों युवक तेज रफ्तार में कार चलाते हुए भागने लगे। पुलिस उक्त कार के पीछे लग गई। काफी प्रयास के बाद आधा किलोमीटर दूर में पीछा कर ओवरटेक करते हुए कार को रोक लिया। कार सवार चालक कपिल माथुर पिता बिरझू राम 38 साल. सुमित माथुर पिता घासीराम माथुर 5 साल तुर्काडीह निवासी को पकड़कर कार सहित थाने लाया गया। जांच करने पर दोनों युवकों के शराब के नशे में होना पाया गया। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है।

कॉम्बिंग गश्त : 30 स्थाई, 69 गिरफ्तारी, 23 फरार आरोपी, 6 बदमाश सहित 140 पकड़े गए

बिलासपुर। बीती रात अपराधियों पर नकेल कसने जिले भर में पुलिस प्रशासन के द्वारा कॉम्बिंग गश्त की गई। इस दौरान 30 स्थाई, 69 गिरफ्तारी, 23 फरार आरोपी, 6 गुण्डा बदमाशों सहित 140 आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस के अभियान से असामाजिक तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।

एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले शांति व्यवस्था बनाने व अपराधियों पर पुलिस का खौफ दिखाने कॉम्बिंग गश्त कर अपराधियों पर कड़ाई से कार्रवाई करने का आदेश है। 4 जनवरी की रात एडीशनल एसपी सिटी पंकज कुमार पटेल, अर्चना झा, अनुज कुमार, सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह, कोतवाली सीएसपी आईपीएस गगन कुमार के नेतृत्व में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बल के साथ मैदान में उतरे और नशेड़ियों के अड्डे, गुण्डा बदमाश, फरार वारंटी के घरों में दबिश दी गई। रात भर चले अभियान में पुलिस ने एक दिन में फरार 30 स्थाई वारंटी, 69 गिरफ्तारी वारंटी, 23 विभिन्न मामले में फरार आरोपी, 6 संदिग्ध गुण्डा बदमाशों को पकड़ा गया है।

248 शिकायतों का किया गया निराकरण

एएसपी पटेल ने बताया, 3 व 4 जनवरी 2026 को जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर आम नागरिकों से मिले 248 शिकायतों का त्वरित एवं सफल निराकरण किया गया है। इसमें 125 सादरी सामान्य व 123 स्थानीय शिकायतें शामिल हैं।

नशाखोरी करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

पुलिस द्वारा लगाकर अभियान चलाकर नशाखोरी करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। अभियान के माध्यम से अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। आम नागरिकों में सुरक्षा, विश्वास एवं कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा सुदृढ़ किया जा रहा है।

5 लोग हथियार के साथ पकड़े गए

गश्त के दौरान पुलिस संदिग्धों को पकड़कर जांच कर रही थी। इस दौरान तोरवा सिविल लाइन, कोनी, चकरभाठा थाना क्षेत्र में 5 लोगों से चाकू जैसे घातक हथियार बरामद किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की गई है।

महिला से 1 लाख की उठाईगीरी, दो गिरफ्तार

बिलासपुर। मस्तूरी में बैंक से पैसा निकालकर जा रही महिला के कपड़ों में मैला फेंककर 1 लाख 2 हजार रुपए की उठाईगीरी के मामले में पुलिस को सफलता मिल गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एसीसीयू टीम ने महासमुंद में दबिश देकर नाबालिग सहित 2 शातिर उठाईगीरों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से 20 हजार रुपए जब्त किए गए हैं। 30 दिसंबर को मल्हार अकोला निवासी प्रेम कुमारी पति रतन लाल कुरें 46 साल दोपहर 12.15 बजे मस्तूरी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से 1 लाख 2 हजार रुपए निकालकर पैसा थैले में रखकर पैदल जा रही थी। मस्तूरी थाना के कुछ दूर में पीछे से बाइक सवार आए और उन्हें साड़ी में मैल लगने की बात कही। इस पर प्रेम कुमारी सड़क किनारे पेड़ में थैला लटकाकर पास के नल में साड़ी साफ करने लगीं। इसी दौरान एक युवक बाइक से उतरकर आया और पैसा सहित थैला उठाकर अपने साथियों के साथ भाग गया। मस्तूरी व एसीसीयू टीम ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाला तो एक युवक महिला को रैकी करते नजर जा रहा था। एसीसीयू प्रभारी हेमंत आदित्य को पहले से जानकारी थी। कपड़ा में मैला लगाकर उठाईगीरी की वारदात महासमुंद व ओडिशा के गिरोह द्वारा की जाती है। उनके द्वारा उक्त फुटेज को महासमुंद व ओडिशा में भेजकर पहचान कराई गई, जिससे
उक्त संदिग्ध युवक की पहचान महासमुंद में रहने वाले शातिर उठाईगीर के रूप में हुई। उसके बाद आदित्य टीम के साथ महासुमंद में कैम्प कर पतासाजी कर भीमखोज खल्लारी महासमुंद निवासी सचिन ध्रुव पिता राजेश ध्रुव 22 साल व एक नाबालिग को पकड़ लिया। दोनों ने महिला से उठाईगीरी करना स्वीकार कर लिया। दोनों के पास से 20 हजार रुपए जब्त किया गया है। शेष रकम जुआ व शराबखोरी में खर्च कर देना बताया जा रहा है।