Bilaspur News Update : बिलासपुर। जिले में 34 सेजेस शाला के रूप में उत्कृष्ट विद्यालय अंग्रेजी और हिंदी माध्यम की संचालित है जिसमें संविदा और प्रतिनियुक्ति के कर्मचारी सेवारत हैं। दिसंबर माह बीने के बाद आवंटन नहीं होने के कारण शालाओं का बिल वापस हो रहा है, कर्मचारियों के बैंक लोन लंबित हो रहे हैं, स्वास्थ्य सुविधा व अन्य आवश्यकता लंबित हो रहा है।


इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा विशेष पहल नहीं किया गया। आवंटन 15 से 20 तारीख को उपलब्ध कराने की सूचना शालाओं को दी जाती है, तब जाकर शालाओं के द्वारा वेतन बनाया जाता है। वेतन को बैंक में जमा किया जाता है किंतु पर्याप्त आवंटन नहीं होने से बिलासपुर जिले में सेजेस के कर्मचारी दिसंबर माह के वेतन से वंचित हैं। नए वर्ष में नए प्रकार का प्रयोग शालाओं के संविदा और प्रतिनियुक्ति के कर्मचारियों को शिक्षा कर्मियों के जमाने की याद दिला रहे हैं जिसमें जब तक आवंटन नहीं आता था, तब तक वेतन भुगतान नहीं होता था। यह स्थिति अत्यंत निराशाजनक है। बिलासपुर में लगभग 1600 शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है, जिसमे 1250 के लगभग प्रतिनियुक्ति के कर्मचारी शासकीय है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि डीपीआई और शिक्षा सचिव स्तर पर इस संबंध में ज्ञापन देते हुए वे चर्चा कर चुके हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग को पहल करते हुए कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान हो इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए।
टिटलागढ़ पैसेंजर आज से 6 तक रद्द
बिलासपुर। बिलासपुर से टिटलागढ़ जाने वाली और टिटलागढ़ से बिलासपुर आने वाली पैसेंजर को ईस्ट कोष्ट रेलवे ने 3 जनवरी से 6 जनवरी तक निरस्त कर दिया है। ईस्ट कोष्ट रेलवे के अनुसार सम्बलपुर मंडल के सम्बलपुर-सरला स्टेशनों के मध्य स्टील गर्डर लांचिंग करने ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक के फलस्वरूप 3 से 5 जनवरी तक बिलासपुर से चलने वाली 58214 बिलासपुर -टिटलागढ़ पैसेंजर तथा 4 जनवरी से 6 तक टिटलागढ़ से चलने वाली गाड़ी संख्या 58213 टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला ने जमीन पर दिया बच्चे को जन्म
बिलासपुर। सिम्स में तेंदूभाठा से आई एक महिला ने प्रसव पीड़ा से तड़पते हुए बच्चे को जन्म दिया है। इस दौरान कर्मचारियों ने उसे भर्ती करने में लेटलतीफी की, जिसके चलते महिला की हालत बिगड़ गई और फर्श पर ही प्रसव हो गया।
सिम्स में इन दिनों में लेबर वार्ड में जबरदस्त दबाव बना हुआ है। जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों से प्रसव के लिए गर्भवती को भेजा जा रहा है, जिससे सिम्स की व्यवस्था खराब हो रही है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल से रोजाना 10 से अधिक गर्भवती महिलाओं को बिना इलाज के भेज दिया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह भी इस प्रकार तेंदुभाठा से आई गर्भवती को सिम्स में प्रसव के लिए लाया गया। इस दौरान दस्तावेज और अन्य जांच के कारण गर्भवती को वार्ड में भर्ती करने में विलंब हो गया, गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा उठने के बाद हालत बिगड़ने लगी और परिजनों के देखते-देखते महिला ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। जिसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई, इसके बाद सिम्स के कर्मचारी ने उसे तत्काल वार्ड में शिफ्ट किया है।
जमुई रेल हादसे ने रोका साउथ बिहार का पहिया
बिलासपुर। जमुई में रेल हादसे के कारण अब तक ट्रेन यातायात प्रभावित है, जिसके कारण बिलासपुर, रायपुर होकर दुर्ग आने-जाने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस का भी पहिया थम गया है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार आसनसोल मंडल के अंतर्गत लाहाबन-सिमुलतला रेलखंड पर मालगाड़ी के पटरी से उतर जाने के कारण चौथे दिन मंगलवार को भी रेल परिचालन गंभीर रूप से प्रभावित रहा।
जसीडीह-झाझा रेलखंड पर ट्रैक में अवरोध के चलते 31 दिसंबर को चलने वाली कई पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द, परिवर्तित, शार्ट टर्मिनेट अथवा पुनर्निर्धारित किया गया है। 26 ट्रेनें आसनसोल-हावड़ा मंडल व 25 ट्रेनें दानापुर मंडल से परिवर्तित की गई। 11 ट्रेनें हावड़ा-आसनसोन व एक ट्रेन दानापुर मंडल से रद की गई। मेन लाइन पर परिचालन शुरू नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेनें भी शामिल हैं, जिसमें प्रतिदिन दुर्ग से रायपुर और बिलासपुर होकर आरा की ओर आने-जाने वाली साठथ बिहार एक्सप्रेस के परिचालन पर भी प्रभाव पड़ा है।


