बिलासपुर। कार सवार युवकों के सामने चाकू अड़ाकर लूटपाट करने का प्रयास करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चाकू बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
बेलगहना पुलिस चौकी के अनुसार, हरिल साथ टोप्पों, निलिमा तिर्की एवं रामप्यारी तिर्की 1 अप्रैल की रात गनियारी से मरीज को अस्पताल में भर्ती कराकर अपनी कार से विचारपुर लौट रहे थे। रात 10.30 बजे बेलगहना से कोनचरा मार्ग में पडऩे वाले घने सुनसान जंगल में नीलगिरी प्लाट के पास बिना नंबर की दो बाइक में सवार दो युवकों ने चाकू दिखलाकर रास्ता रोकने की कोशिश की गई, जिस पर भयभीत कार चालक हरिल साय द्वारा कार को साईड से तेजी से निकाल कर ले भागा। तब बाइक सवार दोनों युवक कार का पीछा करते हुए लगभग 7 किलोमीटर दूर ग्राम विचारपुर में रोक लिया।

कार सवार हरिल साय, निलिमा, रामप्यारी तिर्की को चाकू दिखलाकर जान से मारने की धमकी देते हुए लूट का प्रयास करने लगे। इसी दौरान कुछ ग्रामवासियों के आ जाने पर आरोपीगण भाग गए। भागते हुए आरोपियों ने अपनी बिना नंबर की बाइक घटना स्थल पर ही छोड़ दी। उक्त घटना के संबंध में पीड़ित हरिल साय टोप्पों पिता स्व. अमरसाय टोप्पो ने विचारपुर चौकी बेलगहना में रिपोर्ट दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने आरोपी सिद्धान्त पाण्डेय उर्फ राज पाण्डेय (20) गंगानगर बेलगहना निवासी राजकुमार पोर्त उर्फ सोनू (20) करवा चौकी बेलगहना निवासी को घेराबंदी कर पकडक़र पूछताछ किया गया। दोनों आरोपियों ने अपराध कबूल किया। दोनों को न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।
बिलासपुर-येलहंका एक्सप्रेस के नियमित संचालन की मिली मंजूरी
बिलासपुर। रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेल के रेलवे बोर्ड ने बिलासपुर-येलहंका के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को नियमित एक्सप्रेस सेवा के रूप में चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन अब 18261/18262 बिलासपुर-येलहंका एक्सप्रेस के रूप में संचालित होगी। इसकी नियमित परिचालन की तिथि की घोषणा जल्द होगी।
18261 बिलासपुर-येलहंका एक्सप्रेस बिलासपुर से हर बुधवार को दोपहर 14:00 बजे प्रस्थान कर गुरूवार को 19 बजे येलहंका पहुंचेगी। इसी तरह 18262 येलहंका-बिलासपुर एक्सप्रेस येलहंका से हर शनिवार को 3:30 बजे रवाना होकर रविवार को 17.50 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, बल्हारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, काजीपेट, चारलापल्ली, सिकंदराबाद, लिंगमपल्ली, विकाराबाद, तंदूर, यदगिर, कृष्णा, रायचूर, गुंटकल, गुंटी, अनंतपुर और धर्मावरम स्टेशन में होगा। इस साप्ताहिक ट्रेन में कुल 20 एलएचबी कोच शामिल होंगे। इस फैसले से छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के बीच यात्रा और भी आसान होगी, खासकर दक्षिण भारत जाने वाले विकल्प मिलेगा।
स्कूल बंद मिलने पर प्रधानपाठक के साथ शिक्षकों का कटा वेतन
मुंगेली। विकासखंड लोरमी के शासकीय प्राथमिक शाला पेंड्रीतालाब के औचक निरीक्षण के दौरान बंद पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे ने प्रधानपाठक सहित सभी शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी डाहिरे ने कहा किविद्यालयों में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी जिले के विद्यालयों का औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। इस दौरान संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
नलकूप खनन पर लगी रोक
मुंगेली। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिले में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने संपूर्ण जिले को आगामी आदेश पर्यंत तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुन्दन कुमार ने छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक-3) 1987 की धारा 3 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए इस संबंध में आदेश जारी किया है। इस अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत जिले में उपरोक्त अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानमुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा।
लेकिन शासकीय एजेंसी जैसे-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संपूर्ण जिले में तथा नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल हेतु अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा।
नलकूप खनन हेतु अनुमति प्राप्त करने के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
पहचाने जाने के डर से चोरों ने किया डबल मर्डर
जांजगीर-चांपा। बुजुर्ग दंपति की हत्या चोरी के इरादे से घुसे लोगों ने पहचाने जाने के डर से दोनों का मर्डर कर दिया। बताया जा रहा है कि मामले के संदेही गांव के ही लोग है। इस दंपति की अपने घर में ही पान की दुकान थी, जिसके कारण संभवतः आरोपियों को दोनों ने पहचान लिया था। खपरी ग्राम में दोहरे हत्याकांड के संदेहियों से पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार को मुलमुला पुलिस मामले का खुलासा कर देगी। इससे पहले सभी एंगल से जांच की जा रही है।
ग्राम खपरी निवासी 68 वर्षीय संतराम साहू एवं उसकी पत्नी श्याम बाई साहू की अपने ही घर में रक्त रंजित पड़ी थी। मंगल-बुधवार की दरमियानी रात्रि को अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से वारकर हत्या कर दी थी। बुधवार की सुबह को उसके बेटे हरिचरण ने देखा कि माता-पिता का शव घर पर पड़ा हुआ है, जिससे इसकी सूचना मुलमुला पुलिस को दी गई। जिस पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच कर रही थी।
घटना के बाद गांव में शोक एवं डर का माहौल था, क्योंकि पहली बार गांव में डबल मर्डर हुआ था। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दिया था। मौके पर डाग की टीम, फिंगर प्रिंट, एफएसएल यूनिट से लेकर पुलिस की कई टीम इस पर जांच में जुटी हुई थी। पुलिस ने कुछ संदेहियो से पूछताछ किया, लेकिन वे गोलमोल जवाब देने लगे। अंततः संदेहियो ने अपना जुर्म कबूला.
बताया जा रहा है कि ये लोग चोरी करने के नियत से घुसे थे, लेकिन अचानक पहचान लिया, जिससे गांव में बदनामी के डर से उक्त दंपति को मौत के घाट उतार दिया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है एवं साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
प्रशासन ने रुकवाई नाबालिग लड़के की शादी
रायगढ़। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के आपसी समन्वय से आज एक बाल विवाह को रोका गया। रायगढ़ विकासखंड के एक गांव में नाबालिग बालक के विवाह की तैयारी चल रही थी, जिसे समय रहते प्रशासन की सतर्कता से सफलतापूर्वक रूकवाया गया।
विश्वस्त सूत्रों से जिला स्तर के अधिकारियों को जानकारी प्राप्त हुई थी कि उक्त ग्राम में बालक की आयु विवाह योग्य (21 वर्ष) न होने के बावजूद 3 अप्रैल 2026 को बारात ले जाने की तैयारी की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में तत्काल पुलिस विभाग के सहयोग से एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
गठित टीम संबंधित ग्राम पहुंची और बालक के जन्मतिथि से संबंधित शैक्षणिक एवं अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि बालक की वर्तमान आयु 20 वर्ष 05 माह है, जो कि विवाह हेतु निर्धारित कानूनी आयु (21 वर्ष) से कम है। मौके पर बालक के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाइश दी गई। इसी दौरान बालिका पक्ष और उनके परिजन भी वहां पहुंचे, उन्हें भी कानून की जानकारी देते हुए समझाइश दी गई।
विभाग की समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने अपनी गलती स्वीकार की और सहमति जताई कि जब तक बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण नहीं हो जाती, तब तक वे विवाह संपन्न नहीं करेंगे। मौके पर ही परिजनों से औपचारिक घोषणा पत्र एवं राजीनामा पत्र भरवाया गया। इस संयुक्त कार्यवाही में ग्राम के सरपंच सहित जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी (बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी), पुलिस विभाग के प्रतिनिधि, संरक्षण अधिकारी, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है। यदि कहीं भी इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
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