दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में बर्ड फ्लू (एच5एन1 वायरस) की पुष्टि होने के बाद इसे आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यहां पाए गए दो जांघिल (रंगबिरंगे सारस) इस वायरस से संक्रमित मिले हैं। इसके बाद शनिवार (30 अगस्त) से अगले आदेश तक चिड़ियाघर बंद रखने का फैसला लिया गया। चिड़ियाघर प्रशासन ने कहा,”इस बीमारी को अन्य पक्षियों, जानवरों या चिड़ियाघर के कर्मचारियों में फैलने से रोकने के लिए सख्त सुरक्षा और निगरानी उपाय लागू किए गए हैं।”

जापान से पीएम मोदी का बड़ा संदेश: ‘भारत-चीन का मिलकर काम करना वैश्विक स्थिरता के लिए जरूरी’

फिलहाल सभी पिंजरों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सैनेटाइजेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति नियंत्रित होने के बाद ही चिड़ियाघर को दोबारा खोला जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार को चिड़ियाघर ने दो मृत पेंटेड स्टॉर्क्स (जांघिल) के सैंपल भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) को जांच के लिए भेजे थे। 28 अगस्त की शाम को आई रिपोर्ट में दोनों सैंपल्स में एच5एन1 वायरस की पुष्टि हुई, जिससे चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की मौजूदगी की आशंका सच साबित हो गई।

मजनूं का टीला में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हटाने वाले फैसले पर लगाई रोक

सावधानी बरतने में जुटा चिड़ियाघर

चिड़ियाघर के डायरेक्टर संजीत कुमार ने बताया कि हालात को काबू में करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, “हमने मंत्रालय की ‘एवियन इन्फ्लुएंजा के लिए तैयारियों, नियंत्रण और रोकथाम के दिशानिर्देश (संशोधित-2021)’ के तहत कड़े कदम उठाए हैं। जैव-सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं ताकि यह बीमारी अन्य जानवरों, पक्षियों या कर्मचारियों तक न फैले। निगरानी तेज कर दी गई है, और अगले 21 दिनों तक पक्षियों के सैंपल की रैंडम जांच होगी।”

H5N1 इंसानों और स्तनधारियों को कर सकता है प्रभावित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एवियन इन्फ्लूएंजा-ए (एच5एन1), इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सबटाइप है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है। हालांकि, दुर्लभ मामलों में यह इंसानों और अन्य स्तनधारियों को भी प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का सैनेटाइजेशन किया जा रहा है और सभी पक्षियों की सेहत पर करीबी नजर रखी जा रही है। चिड़ियाघर में प्रवेश पर पाबंदी अगले आदेश तक जारी रहेगी।

‘रामसेतु’ बने राष्ट्रीय धरोहर, सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब

रोकथाम के उपाय शुरू किए गए

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, H5N1 इन्फ्लूएंजा वायरस का एक सबटाइप है। इसका Goose या Guangdong Lineage (वंश) पहली बार 1996 में सामने आया था, और तब से यह पक्षियों के बीच समय-समय पर प्रकोप का कारण बनता रहा है। यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है, लेकिन दुर्लभ मामलों में इंसानों और अन्य स्तनधारियों को भी प्रभावित कर सकता है।

जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर एहतियाती कदम

चिड़ियाघर के भीतर अब गहन निगरानी और जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। सभी पक्षियों और जानवरों पर करीबी नजर रखी जा रही है ताकि वायरस अन्य प्रजातियों या कर्मचारियों तक न फैल सके।

चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि:

यह कदम एहतियाती तौर पर उठाया गया है।

चिड़ियाघर अगली सूचना तक बंद रहेगा।

नियमित अंतराल पर पक्षियों के सैंपल टेस्ट किए जाएंगे।

स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा टीमों की तैनाती बढ़ाई गई है।

अधिकारियों ने कहा कि यह बंदिश केवल एक सुरक्षा उपाय है और फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

पहले भी आ चुका है ऐसा संकट

चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार ने कहा कि हालात को काबू में करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं। “मंत्रालय की 2021 की ‘एवियन इन्फ्लुएंजा के लिए तैयारियों, नियंत्रण और रोकथाम’ की गाइडलाइन के तहत कड़े जैव-सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। अगले 21 दिनों तक लगातार निगरानी और रैंडम टेस्टिंग की जाएगी।”

अधिकारियों ने बताया कि चिड़ियाघर को बंद करना जन स्वास्थ्य और अन्य जानवरों-पक्षियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम है। इसके अलावा, चिड़ियाघर परिसर में गहन निगरानी और सख्त बायो-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।

2021: सात पक्षियों के मल में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि के बाद जू को बंद किया गया था।

2016: बीमारी के प्रकोप के कारण चिड़ियाघर को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा था।

चिड़ियाघर के एक अधिकारी ने कहा, “अगर अगले दिनों में कोई और मौत नहीं होती, तो हर 15 दिन में तीन बार टेस्ट किए जाएंगे। लेकिन यदि बीच में कोई और पक्षी मरता है, तो टाइमलाइन रीसेट होगी और स्थिति के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।”

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें

खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक