गुजरात के चर्चित बिटकॉइन घोटाला मामले में बीजेपी के पूर्व विधायक नलिन कोटडिया, अमरेली के पूर्व एसपी जगदीश पटेल, पूर्व पुलिस निरीक्षक अनंत पटेल और 14 अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. कोर्ट ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

बता दें कि, 2012 विधानसभा चुनावों में नलिन काेटडिया केशुभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी (GPP) से जीते थे। कोर्ट ने धारी के पूर्व विधायक कोटडिया, अमरेली के तत्कालीन एसपी जगदीश पटेल, पूर्व पीआई अनंत पटेल समेत 15 में से 14 आरोपियों को दोषी ठहराया। इसके बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 2018 में बिल्डर शैलेश भट्ट पर 176 बिटकॉइन और 32 लाख रुपये नकद अपहरण से जुड़ा है। बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट के फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।

क्या है पूरा मामला ?

यह मामला साल 2018 की सनसनीखेज किडनैपिंग और फिरौती से जुड़ा है, जिसमें सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट का अपहरण किया गया था. केस रिपोर्ट से यह बात सामने आई थी कि शैलेश भट्ट को पीआई अनंत पटेल और उसकी टीम ने सरकारी गाड़ी में किडनैप किया था. शैलेश भट्ट को गांधीनगर के पास किसी जगह ले जाया गया और वहां उससे 9 करोड़ रुपये के 176 बिटकॉइन ट्रांसफर करने को कहे गए. ट्रांसफर के बाद बिल्डर से अलग से 32 लाख की एक्सटॉर्शन मनी भी लिया गया.

गिरफ्तार हुए वकील ने दिया था पूर्व विधायक का नाम

किडनैपिंग केस की जांच के बाद सीआईडी ने पीआई अनंत पटेल और 10 अन्य पुलिसकर्मियों को अरेस्ट किया था. इसके अलावा, सूरत का एक वकील केतन पटेल के इस कांड में शामिल होने की भी बात पता चली थी, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया.

केतन पटेल ने पूछताछ में बताया कि इस कांड में पूर्व बीजेपी विधायक नलिन कोटडिया और पूर्व एसपी जगदीश पटेल भी शामिल हैं. पुलिस ने आरोपी वकील की निशानदेही पर जगदीश पटेल को पकड़ा. नलिन कोटादिया की भूमिका ‘फिक्सर’ के रूप में सामने आई. समय के साथ कुल 14 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

बिल्डर शैलेश भट्ट का भी आपराधिक इतिहास

अगस्त 2024 में अहमदाबाद पुलिस ने बिल्डर शैलेश भट्ट को भी अरेस्ट किया. मनी लॉन्डरिंग मामले में उसे आरोपी पाया गया था. शैलेश भट्ट पर 2091 बिटकॉइन, 11000 लाइटकॉइन और 14.50 करोड़ रुपये के कैश के एक्सटॉर्शन का आरोप था. यह सारा पैसा मिलाकर 1232.50 करोड़ रुपये तक पहुंचता है.

शैलेष भट्‌ट ने कुंभानी से की थी वूसली

ईडी की जांच में सामने आया था कि शैलेश भट्ट ने सतीश कुंभानी से अपना निवेश वापस पाने के लिए उनके दो कर्मचारियों का अपहरण कर लिया और अपहृत कर्मचारियों की रिहाई के बदले 2,091 बिटकॉइन, 11,000 लाइटकॉइन और 14.50 करोड़ रुपये नकद वसूले। बिटकनेक्ट कॉइन के प्रमोटर सतीश कुंभानी पर 2017-18 में लोगों को कंपनी में निवेश करने का लालच देकर आम जनता को ठगने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद, सतीश कुंभानी ने जनवरी 2018 में बिटकनेक्ट कॉइन और उसके लैंडिंग प्लेटफॉर्म की बिक्री अचानक बंद कर दी और जनता का पैसा हड़पकर फरार हो गया।

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