BJD Ganeshwar Baral Suspended: भुवनेश्वर. बीजद ने जाजपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष गणेश्वर बराल को पार्टी विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में निलंबित कर दिया है. यह निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होगा.

पार्टी ने यह ऑफिस ऑर्डर 16 जनवरी 2026 को जारी किया है. बीजद मुख्यालय के उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने पार्टी अध्यक्ष की ओर से इस आदेश पर हस्ताक्षर किए.

Also Read This: सुंदरगढ़ में हिंसा के बाद स्कूल-कॉलेज बंद, इंटरनेट सेवा भी सस्पेंड

BJD Ganeshwar Baral Suspended
BJD Ganeshwar Baral Suspended

पार्टी सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह अनुशासनात्मक कार्रवाई संगठन में अनुशासन और पार्टी मूल्यों को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है. निलंबन आदेश के तहत गणेश्वर बराल अगले आदेश तक बीजद की किसी भी आधिकारिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

Also Read This: स्वास्थ्य विभाग ने की पुष्टि, ओडिशा में निपाह वायरस का कोई खतरा नहीं

यहां बता दें कि बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने एक साथ दो विधायकों, चंपुआ से सनातन महाकुड़ और पटकुरा से अरविंद महापात्रा को भी निलंबित कर दिया है. बीजद के सत्ता से बाहर होने के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है.

सनातन महाकुड़ लगातार बीजद की आलोचना कर रहे थे, इसलिए उनका निलंबन स्वाभाविक माना जा रहा है. हालांकि अरविंद महापात्रा का निलंबन अभी भी रहस्य बना हुआ है, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें किस वजह से पार्टी से हटाया गया.

Also Read This: सुंदरगढ़ में ग्रुप झड़प के बाद इंटरनेट सस्पेंड, पुलिसकर्मियों समेत 12 लोग घायल

सनातन महाकुड़ चंपुआ से दूसरी बार विधायक चुने गए थे. वर्ष 2014 में वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे और बाद में बीजद में शामिल हुए. लेकिन 2024 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद उनके तेवर बदलने लगे. उन्होंने कई बार भाजपा के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया, बीजद की अधिकांश बैठकों में शामिल नहीं हुए और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की खुलकर तारीफ की.

हाल ही में उन्होंने बीजद की खुली आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि बीजद शासनकाल में क्योंझर को नजरअंदाज किया गया. इसी रवैये के चलते पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की.

Also Read This: बोलंगीर में खाने के पैकेट में रखे विस्फोटक से बच्चा घायल, इंसाफ की मांग कर रहा परिवार

पार्टी की ओर से कहा गया है कि संगठन में “भ्रष्ट और गद्दारों” के लिए कोई जगह नहीं है. अध्यक्ष ने खुफिया रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया है. बाद में जारी प्रेस रिलीज में भी यही बात दोहराई गई.

इन निलंबनों के बाद विधानसभा में बीजद विधायकों की संख्या घटकर 48 रह गई है. इससे पहले नुआपाड़ा सीट हारने के बाद पार्टी की एक सीट पहले ही कम हो चुकी थी.

Also Read This: परिवार संग पुरी जगन्नाथ मंदिर पहुंचीं शिल्पा शेट्टी, कहा- ‘महाप्रभु का बुलावा था’