भुवनेश्वर : बीजद राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने ज़ीरो आवर के दौरान बोलते हुए पूरे भारत और खासकर ओडिशा में किसानों की समस्याओं को तुरंत हल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत, जलवायु परिवर्तन से फसलों का नुकसान, खराब खरीद सिस्टम और फसल बीमा में देरी के कारण खेती एक जोखिम भरा और कम मुनाफे वाला पेशा बन गया है।

ओडिशा की खास चिंताएं

डॉ. पात्रा ने बताया कि ओडिशा के 4.5 करोड़ लोग गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं:

मंडियां ठीक से काम नहीं कर रही हैं, जिससे किसानों को MSP से कम कीमत पर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

खरीद की सीमा और दूसरी जगहों पर फसल भेजने के कारण किसानों को उनकी पूरी फसल का MSP नहीं मिल रहा है।

खरीद केंद्रों पर मनमाने ढंग से की जाने वाली कटौती छोटे और सीमांत किसानों का शोषण करती है।

बुनाई के मुख्य मौसम में खाद की भारी कमी से खेती की लागत बढ़ जाती है और पैदावार कम हो जाती है।

किसान नुकसान से सुरक्षित नहीं हैं, जिससे कर्ज और परेशानी बढ़ रही है।

बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक की ओर से बोलते हुए, डॉ. पात्रा ने ओडिशा के किसानों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर किसानों की सुरक्षा नहीं की गई तो खाद्य सुरक्षा खुद खतरे में पड़ जाएगी और ओडिशा के हक के लिए लड़ने की बीजद की प्रतिबद्धता को दोहराया।