पटना। बाढ़ स्थित भाजपा कार्यालय में ‘जी राम जी’ विधेयक को लेकर जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री धनराज शर्मा ने कहा कि इस विधेयक के नाम को लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष के पास मुद्दों की कमी के कारण वह दुष्प्रचार कर रहा है।
गांधीजी की राम में गहरी श्रद्धा रही
धनराज शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के सम्मान में इस योजना का नाम ‘जी राम जी’ रखा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भगवान राम के प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे और राम नाम उनके जीवन दर्शन का हिस्सा था। विपक्ष जानबूझकर लोगों को भ्रमित करने के लिए इस विधेयक के खिलाफ गलत प्रचार कर रहा है।
मजदूरों-श्रमिकों को होगा सीधा लाभ
प्रदेश मंत्री ने बताया कि यह विधेयक मजदूरों और श्रमिकों के हित में लाया गया है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि पहले मजदूरों को 100 दिन का काम मिलता था, जबकि अब 125 दिन काम का प्रावधान है। यदि काम नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा।
मनरेगा का संशोधित और आधुनिक रूप
जिला अध्यक्ष शैलेंद्र प्रसाद ने बताया कि ‘जी राम जी’ विधेयक मनरेगा का ही उन्नत और संशोधित स्वरूप है। उन्होंने विपक्ष पर इसे किसान और मजदूर विरोधी बताकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
फसल कटाई-बुवाई में भी मिलेगा काम और भुगतान
शैलेंद्र प्रसाद ने बताया कि पहले फसल कटाई या बुवाई के समय मनरेगा कार्य पर रोक थी, लेकिन अब 60 दिन तक मजदूरी दी जाएगी। साथ ही अब साप्ताहिक या अर्धमासिक भुगतान की व्यवस्था होगी।
AI और GPS से बढ़ेगी पारदर्शिता
उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी’ के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से फर्जी श्रमिकों की पहचान होगी। GPS के जरिए कार्यस्थलों की निगरानी, साप्ताहिक सत्यापन रिपोर्ट और जवाबदेही की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
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