BJP-Congress Alliance in Maharashtra: किसी ने सच ही कहा है कि राजनीति में कोई किसी दुश्मन और न ही सच्चा दोस्त होता है। ये नजारा महाराष्ट्र निकाय चुनाव (Maharashtra civic elections) में देखने को मिला है। राजनीति में 36 का आंकड़ा रखने वाली बीजेपी-कांग्रेस के बीच गठूबंधन हुआ है। महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद (Ambarnath Municipal Council Election) में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे) को हराने के लिए एक दूसरे से हाथ मिलाया है।
बीजेपी-कांग्रेस के गठबंधन को राज्य की सत्ता में काबिज बीजेपी की सहयोगी पार्टी शिवसेना शिंदे गुट ने इसे विश्वासघात करार दिया है। शिवसेना ने इसे अवसरवादी गठबंधन बताया। शिवसेना विधायक बालाजी किनिकर ने कहा कि सत्ता के लिए बीजेपी को कांग्रेस के साथ गठबंधन करने में कोई झिझक नहीं है।

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि BJP और शिवसेना का गठबंधन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि विचारधारा का भी है। यह गठबंधन मजबूत और अटूट रहना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के फैसलों से कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा होता है। उन्होंने याद दिलाया कि अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना सत्ता में थी और वहां विकास के कई अच्छे काम किए गए। जनता के बीच शिवसेना ने हमेशा विकास की राजनीति की है और आगे भी वही रास्ता अपनाया जाएगा।
बीजेपी का शिंदे की पार्टी पर पलटवार
वहीं, बीजेपी ने शिवसेना (शिंदे) गुट के आरोप सिरे से खारिज कर दिए हैं। बीजेपी उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा है कि अगर पिछले 25 वर्षों से भ्रष्टाचार करने वाले शिंदे गुट के साथ अंबरनाथ की सत्ता में बैठते, तो वही असली अभद्र गठबंधन होता। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंबरनाथ नगर परिषद में महायुति के लिए शिंदे गुट से कई बार बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके नेताओं की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
महायुति गठबंधन के अंदर की दरार उजागर
इधर बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस अप्रत्याशित गठबंधन ने महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले सत्ताधारी महायुति गठबंधन के अंदर की दरारों को भी उजागर कर दिया है। 29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनों में से महायुति के सहयोगी 24 कॉर्पोरेशनों में एकसाथ चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। हालांकि, बीजेपी और शिवसेना मुंबई, ठाणे और कोल्हापुर में एकसाथ चुनाव लड़ रहे हैं।
अंबरनाथ नगर परिषद का समीकरण
अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी की तेजश्री करंजुले नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव में विजयी हुई हैं। इस नगर परिषद में बीजेपी के 16, कांग्रेस के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के चार पार्षदों को मिलाकर सत्तापक्ष के पास 32 पार्षदों का समर्थन हैष कांग्रेस के 12 पार्षदों को हटा दें तो बीजेपी की अध्यक्ष के साथ 20 पार्षदों का समर्थन था, जो बहुमत के आंकड़े से बहुत कम था। अब बीजेपी की नगर परिषद अध्यक्ष के पास स्पष्ट बहुमत हो गया है, जो नगर के सदन में कामकाज के सुचारू संचालन के लिहाज से भी जरूरी था।
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