कुंदन कुमार/ पटना। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 12 मार्च 2026 को संसदीय इतिहास का ‘काला दिन’ करार दिया है। राजधानी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संसद के मकर द्वार पर 20 सांसदों के साथ किया गया विरोध प्रदर्शन असल में ‘पिकनिक’ जैसा था, जो संसदीय मर्यादाओं का गंभीर उल्लंघन है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सुनियोजित हमला
गुरु प्रकाश ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस का व्यवहार एक पैटर्न बन चुका है। उन्होंने कहा, जब चुनाव हारते हैं तो चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं और न्यायालय का फैसला पक्ष में न हो तो उसे भी दोषी ठहराते हैं। यह संवैधानिक संस्थाओं पर एक सुनियोजित हमला है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी खुद को देश के कानून और संविधान से ऊपर समझते हैं?
सत्ता जाने से बिगड़ा मानसिक संतुलन
भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता से दूर रहने के कारण राहुल गांधी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्होंने राहुल गांधी पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान कर सकते हैं, उनसे संसद के सम्मान की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
लोकतंत्र के मंदिर का अपमान
संसद को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए गुरु प्रकाश ने कहा कि जहां चर्चा और वाद-विवाद होना चाहिए, वहां कांग्रेस इसे ‘चाय पार्टी’ का मंच बनाना चाहती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए उज्ज्वला योजना जैसे जनहित कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ देश का मान बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी की ऐसी तस्वीरें देश को शर्मसार कर रही हैं। भाजपा ने मांग की है कि राहुल गांधी इस कृत्य के लिए लोकसभा अध्यक्ष और सदन से माफी मांगें।
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