Bihar Politics: पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद खान ने मंगलवार को अपने आवास पर हमले की आशंका जताई है. उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस नेतृत्व ने बिहार और युवा कांग्रेस को उनके पटना और मधुबनी स्थित घरों पर आक्रमण करने का आदेश दिया है। शकील अहमद के इस बयान के बाद बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है।

शकील अहमद के इन आरोपों पर बीजेपी नेता और बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। पटना में न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के नेतृत्व पर जो प्रश्न चिन्ह खड़ा हुआ है। ऐसी परिस्थिति में इस तरह की घटनाओं का कोई मतलब नहीं रह जाता है। कानून का राज है। इसमें किसी तरह की कोई घटना अगर होती भी है, तो अपराधी बच कर नहीं जा पाएगा।

आपको बता दें कि ये विवाद तब शुरू हुआ जब शकील अहमद ने हाल ही में राहुल गांधी को ‘डरपोक नेता’ कह दिया था। वहीं अब उन्होंने राहुल गांधी के इशारे पर बिहार और युवा कांग्रेस द्वारा मधुबनी स्थित उनके घर पर प्रदर्शन करने और उनपर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है।

मीडिया से बातचीत में शकील अहमद ने यह दावा किया है कि कांग्रेस के पुराने नेताओं ने उन्हें गुप्त रूप से सूचना दी है कि उनके पटना और मधुबनी स्थित आवास पर हमला हो सकता है। इसी आशंका के चलते उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर दोनों जगहों पर सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।

शकील अहमद ने यह भी कहा कि, वह कांग्रेस पार्टी का नहीं, बल्कि राहुल गांधी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, हम तीन पीढ़ियों से कांग्रेसी हैं और पार्टी के खिलाफ नहीं हैं। अगर नेहरू-गांधी परिवार का कोई दूसरा सदस्य कांग्रेस की कमान संभालता है, तो राहुल गांधी पूरी तरह साइडलाइन हो जाएंगे और उनका कोई राजनीतिक वजूद नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि, राहुल गांधी कांग्रेस नहीं हैं बल्कि कांग्रेस के मात्र एक शीर्ष नेता हैं।

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