बीजेपी: मोर्चा-प्रकोष्ठ की बैठक में रमन-धरम की गैर मौजूदगी सवालों में रही, आखिर क्या संदेश देना चाहता है आलाकमान?

राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी, सह प्रभारी नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने ली बैठक

रायपुर- छत्तीसगढ़ बीजेपी संगठन की बड़ी बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की गैर मौजूदगी चर्चाओं में रही. बीते कुछ सालों में यह पहला मौका है, जब यह तस्वीर देखने को मिली हो. आमतौर पर सभी बड़ी रणनीतिक बैठकों में रमन-धरम की जोड़ी शामिल होती रही. या यूं कहा जाए कि इन नेताओं की अगुवाई में बैठक होती रही. बीजेपी संगठन की दो दिवसीय मैराथन बैठकों के पहले दिन राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नवीन के साथ प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों की बैठक ली.

रमन-धरम की गैर मौजूदगी को लेकर संगठन की अपनी दलीलें हैं. बीजेपी नेता बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह अपने गृह नगर कवर्धा के दौरे पर हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक अपनी आंख की जांच कराने दिल्ली में हैं. यही वजह है कि दोनों बैठक में शामिल नहीं हो सके. हालांकि राज्य गठन के बाद से संभवतः यह पहला मौका है, जब कोर ग्रुप के सदस्य किसी बड़ी बैठक का हिस्सा ना बने हो. रणनीतिक लिहाज से भी बीजेपी आज की बैठक बेहद महत्वपूर्ण थी, लेकिन प्रभारियों की ओर से ली गई मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों की तीन महत्वपूर्ण बैठकों में केवल संबंधित लोगों को ही बुलाया गया.

आखिर क्या संदेश देना चाहता है आलाकमान

डाॅ.रमन सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के ओहदे पर हैं, तीन दफे सूबे के मुख्यमंत्री रहे हैं. राज्य में बीजेपी संगठन के सबसे अहम चेहरा हैं, वहीं धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष की हैसियत से भूपेश सरकार के खिलाफ लड़ने वाली बीजेपी विधायकों की टीम की अगुवाई करते हैं. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. बतौर विपक्षी दल सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ बनाई जाने वाली रणनीति में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन संगठन को मजबूत किए जाने की कवायद को लेकर ली गई मोर्चा, प्रकोष्ठ की बैठक में उन्हें नहीं बुलाए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आलाकमान आखिर क्या संदेश देना चाहता है? एक चर्चा यह भी है कि रमन-धरम की जोड़ी को नहीं बुलाये जाने के पीछे की वजह यह है कि मोर्चा-प्रकोष्ठ में काम कर रहे लोग खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते. लिहाजा बैठक में सिर्फ वहीं अपेक्षित थे, जो मोर्चा-प्रकोष्ठ या विभाग का हिस्सा हैं. हालांकि मैराथन बैठक के दूसरे दिन डाॅ.रमन सिंह और धरमलाल कौशिक समेत तमाम बड़े चेहरे बैठक का हिस्सा होंगे.

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