कवर्धा के लोग शांति प्रिय: भाजपा ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए कवर्धा में अशांति फैलाने का प्रयास किया, कांग्रेस ने पूछा- भाजपा नेताओं ने क्यों नहीं की शांति की अपील ?

कवर्धा के लोग शांति प्रिय हैं, झंडा विवाद में शामिल सभी आरोपी अभी जेल में हैं - जिला कांग्रेस अध्यक्ष

कवर्धा। जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष नीलकंठ चंद्रवंशी (नीलू) ने कहा है कि कवर्धा में अशांति फैलाने की जो घटना घटित हुई है, उसके लिए पूरी तरह से भाजपा व उसके नेता जिम्मेदार है.  कवर्धा में भारतीय जनता पार्टी धर्म की आड़ में राजनीति करना चाहती है.

भारतीय जनता पार्टी ने युवकों के 2 गुटों के आपसी विवाद को मुद्दा बनाकर न केवल कवर्धा, बल्कि कबीरधाम जिले में अशांति फैलाने का प्रयास किया,  जिस झंडे को लेकर विवाद हुआ था, उसको क्षेत्रीय विधायक और मंत्री मोहम्मद अकबर ने स्वयं वापस उसी स्थान पर लगवा दिया था.

इसके बाद भी भाजपा के लोगों ने अशांति फैलाने के उद्देश्य से 5 अक्टूबर को धरना प्रदर्शन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया. नीलू चंद्रवंशी ने कहा कि 3 अक्टूबर को हुए झंडा विवाद में शामिल सभी लोग अभी जेल में इसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी झूठे बयान बाजी के आधार पर माहौल को अशांत करना चाहती है. भाजपा के इस कृत्य का कांग्रेस पार्टी की ओर से पुरजोर विरोध किया जाएगा.

नीलू चंद्रवंशी के अनुसार ग्राम घोरेवारा से 5 अक्टूबर की घटना में शामिल 2 लोगों के बारे में भाजपा के नेताओं के द्वारा कहा जा रहा है कि वे मेरे भतीजे हैं. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ये 2 लोग मेरे ही गांव घोरेवारा के सामाजिक लोग हैं, लेकिन मेरे भतीजे नहीं है. ये दोनों ही भाजपा के सदस्य हैं.

नीलू चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा के लोग शांति प्रिय है. पुलिस ने बाहरी जिलों से आकर कवर्धा में हिंसा की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रवंशी के अनुसार प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी साफ तौर पर कहा कि चाहे कोई भी, किसी भी धर्म, जाति समुदाय का हो दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी.

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कांग्रेस पार्टी की ओर से कवर्धा सहित कबीरधाम जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और भाजपा के झूठे बहकावे में न आए. उन्होंने भाजपा से पूछा है कि उसके किसी भी नेता ने शांति की अपील क्यों नहीं की है?.

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