कुंदन कुमार, पटना। बेगूसराय से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को अपने ही गृह क्षेत्र में विरोध का सामना करना पड़ा है। भाजपा के सवर्ण कार्यकर्ताओं ने यूजीसी कानून को लेकर गिरिराज सिंह के काफिले को घेरा और उनसे जवाब मांगा कि सरकार किस परिस्थिति में यूजीसी कानून को लाना चाहती है? केंद्र सरकार द्वारा ऐसा क्यों किया जा रहा है?
दरअसल गिरिराज सिंह किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कही जा रहे थे। इस दौरान अचानक उनके काफिले के सामने बीजेपी का झंडा और काला झंडा लिए कुछ कार्यकर्ता आ गए। इस दौरान उन्होंने मुर्दाबाद और वापस जाओ के नारे लगाए। हालांकि इस दौरान काफिले के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को हटाया और गिरिराज सिंह का काफिला आगे के लिए निकला।
दरअसल प्रदर्शन कर रहे भाजपा के स्वर्ण कार्यकर्ता इस बात से नाराज हैं की जब केंद्र सरकार द्वारा यूजीसी का नया कानून लाया जा रहा था, तब गिरिराज सिंह इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए थे। उस दौरान सांसद ने स्वर्णों के हित में एक शब्द नहीं बोला था।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी के नए नियम को लेकर देशभर में हंगामा हुआ और अभी भी जारी है। खासकर जनरल कैटेगरी के छात्र और लोग लगातार इस नए कानून का विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि इस कानून के लागू होने से उनके साथ गलत होगा। ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोग द्वेष के कारण उनके खिलाफ झूठा आरोप लगा उन्हें फंसा सकते हैं और उनकी डिग्री को रद्द किया जा सकता है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर स्टे लगा दिया था।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ज्योमाल्या बागची की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए यूजीसी के नए नियमों को अस्पष्ट बताते हुए इसके दुरुपयोग होने की आशंका जताई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर स्टे लगा दिया है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब भी मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। हालांकि चीफ जस्टिस ने आदेश देते हुए कहा कि, 2012 के नियम फिर से लागू होंगे।
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