कुंदन कुमार/पटना। राजधान में सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। पुलिस को सूचना मिली है कि कोर्ट परिसर के भीतर तीन आरडीएक्स लगाए जाने की आशंका है। इस गंभीर सूचना के मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। एहतियातन कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया जा रहा है। वकील, न्यायाधीश और कर्मचारी अपने-अपने चैंबर से बाहर निकल चुके हैं और सभी को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट की सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। परिसर में प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है और जो भी लोग कोर्ट पहुंच रहे हैं, उन्हें वापस लौटाया जा रहा है। कैदियों, गवाहों और वादकारियों को भी कोर्ट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।

गहन जांच की जा रही

फिलहाल पीरबहोर थाना की पुलिस मौके पर मौजूद है और पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है। बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। सिविल कोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। यह इस तरह की पांचवीं धमकी बताई जा रही है। ताजा सूचना के बाद एहतियातन पटना सिविल कोर्ट को बंद कर दिया गया और न्यायाधीशों, वकीलों, विचाराधीन कैदियों तथा उनके परिजनों को परिसर से बाहर भेज दिया गया।

ई-मेल से दी गई धमकी

गुरुवार सुबह बिहार पुलिस और सिविल कोर्ट रजिस्टार को ई-मेल के जरिए जानकारी मिली कि पटना और किशनगंज सिविल कोर्ट परिसर में विस्फोट किए जाएंगे। सिविल कोर्ट रजिस्टार की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि 8 जनवरी 2026 को रजिस्ट्रार कार्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर के भीतर तीन आरडीएक्स आधारित विस्फोटक उपकरण लगाए जाने का दावा किया गया था।

बार एसोसिएशन से परिसर खाली करने की अपील

धमकी को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। बार एसोसिएशन के सभी सदस्यों से तत्काल कोर्ट परिसर छोड़ने का अनुरोध किया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। गौरतलब है कि इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 को पटना और बाढ़ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। वहीं, 28 अगस्त 2025 को भी ई-मेल के जरिए न्यायाधीशों के कक्ष और कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था।

जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं।