बॉम्बे हाईकोर्ट ने साल 2014 में एग्नेलो वाल्डारिस की कथित हिरासत में हुई मौत के मामले में आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के आरोप तय करने के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा है। आरोपियों की याचिकाओं को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि मृतक के लिए न्याय मांगना जीवित लोगों का “नैतिक दायित्व” है और इस मामले की परिस्थितियों को देखते हुए पूर्ण ट्रायल (मुकदमा) आवश्यक है।
Bombay High Court ने 2014 के कस्टोडियल डेथ मामले में 8 पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप बरकरार रखा है. एग्नेलो वाल्डारिस की हिरासत में हुई मौत को कोर्ट ने पहली नजर में टॉर्चर माना हैं, जिससे ट्रायल जरूरी हो गया है.
Bombay High Court ने मंगलवार (7 अप्रैल) को मुंबई पुलिस के 8 अधिकारियों को बड़ा झटका दिया है। जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि 2014 के एग्नेलो वाल्डारिस मौत मामले में इन अधिकारियों के खिलाफ हत्या (IPC 302) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने (IPC 295-A) जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए जाएंगे। इसके साथ ही अदालत ने स्पेशल POCSO कोर्ट के पुराने आदेश को सही ठहराते हुए पुलिस अधिकारियों की पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया।
अदालत ने यह भी कहा कि कस्टोडियल डेथ के मामलों में सीधा चश्मदीद सबूत मिलना दुर्लभ होता है और ऐसे मामलों में परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का महत्व बढ़ जाता है.
अप्रैल 2014 में 25 साल के एग्नेलो वाल्डारिस की वडाला रेलवे पुलिस स्टेशन में हिरासत के दौरान कथित तौर पर यातना के कारण मौत हो गई थी.
वडाला GRP पुलिस ने चेन स्नैचिंग के शक में एग्नेलो और तीन अन्य लोगों (जिनमें एक नाबालिग लड़का भी शामिल था) को गिरफ्तार किया था. एग्नेलो के पिता लियोनार्ड वाल्डारिस ने खुद पुलिस को सहयोग किया और बेटे को सौंप दिया, क्योंकि पुलिस ने कहा था कि सिर्फ पूछताछ होगी और कोर्ट में पेश किया जाएगा. लेकिन बाप के पास पुलिस ने बेटे की लाश पहुंचाई.
परिवार और गवाहों के मुताबिक पुलिस ने उन पर बुरी तरह टॉर्चर किया. बेल्ट और डंडे से मारा, नंगा करके पीटा, उल्टा लटकाया और सेक्सुअल अब्यूज (यौन शोषण) भी किया, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई.
आपको बता दें कि अप्रैल 2014 में वडाला पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने एग्नेलो वाल्डारिस और तीन अन्य (एक नाबालिग सहित) को चोरी के शक में हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान उनके साथ भीषण मारपीट की गई। गवाहों के अनुसार, उन्हें न केवल शारीरिक यातनाएं दी गईं, बल्कि उनके साथ घिनौना यौन दुर्व्यवहार भी किया गया। पुलिस कस्टडी में रहते हुए ही 18 अप्रैल को एग्नेलो की मौत हो गई। पुलिस का दावा था कि वह भागने की कोशिश में ट्रेन से टकरा गया, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे।
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