चंडीगढ़। पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण भुल्लर की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब इस मामले में सह-आरोपी और कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा ने सीबीआई की विशेष अदालत में जमानत अर्जी दायर की है। अदालत ने अर्जी पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 7 जनवरी को तय की गई है।

भुल्लर की आय से अधिक संपत्ति के अन्य दर्ज मामले में भी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी। वहीं, 2 जनवरी को सी.बी.आई. की विशेष अदालत ने रिश्वत मामले में निलंबित डीआईजी भुल्लर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद कृष्णु शारदा की ओर से नियमित जमानत अर्जी की मांग करते हुए अदालत में दलील दी गई कि मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जांच पूरी हो चुकी हैं और उसे झूठा फंसाया गया है, इसलिए उसे जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।

सीबीआई ने कृष्णु शारदा को 16 अक्तूबर, 2025 को निलंबित डी.आई.जी. हरप्रण सिंह भुल्लर के साथ गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि वर्ष 2023 में सरहिंद थाना क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर को सैटल कराने और शिकायतकर्ता आकाश बत्ता के स्क्रैप कारोबार के खिलाफ आगे किसी सख्त कार्रवाई से बचाने के बदले भुल्लर ने शारदा के माध्यम से अवैध धन की मांग की थी।

इससे पहले भुल्लर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि चार्जशीट में सेवा-पानी शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जिसका अर्थ आवश्यक रूप से रिश्वत नहीं होता। उन्होंने कहा था कि मामले में समय, तारीख और स्थान का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जबकि कथित रिश्वत की राशि को लेकर भी विरोधाभास मौजूद है।

वहीं सीबीआई के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि भुल्लर के खिलाफ मामला गैर-जमानती है। सीबीआई ने अदालत को बताया कि इस केस में इंस्पेक्टर पवन लांबा और इंस्पेक्टर आरएम शर्मा गवाह हैं।