Income Tax Slab In Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने संसद में बजट पेश कर दिया है। वे 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। देश मध्यवर्गीय परिवारों को बजट में 13 लाख इनकम टैक्स फ्री की उम्मीद थी। हालांकि वित्त मंत्री ने सभी की उम्मीदों को तोड़ते हुए बजट में इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं की। हालांकि, इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कई नियमों को आसान बनाने पर ध्यान दिया गया है।
टैक्सपेयर्स के लिए यह बजट कई बड़ी राहतें लेकर आया है। सबसे अहम बदलाव यह है कि सरकार ने आयकर कानून को अपराध से जोड़ने की सोच से बाहर निकलने का फैसला किया है।
वित्त मंत्री ने साफ किया कि अगर किसी करदाता की आय में गड़बड़ी सामने आती है या टैक्स छिपाने का मामला पकड़ा जाता है, तो अब सीधे जेल भेजने की कार्रवाई नहीं होगी। ऐसे मामलों को जुर्माना भरकर निपटाया जा सकेगा। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट का हिस्सा होगी। वित्त मंत्री ने 30 फीसदी टैक्स की घोषणा की है। यानी अब जो अपनी इनकम छिपाता है उसे सजा नहीं मिलेगी, उससे 30 फीसदी टैक्स लिया जाएगा।
विदेश में संपत्ति रखने वालों को राहत
इसके साथ ही विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने वालों को भी राहत दी गई है. वे अगले 6 महीनों के भीतर डिस्क्लोजर स्कीम के तहत अपनी संपत्ति का खुलासा कर सकते हैं। विदेश यात्रा या बच्चों की पढ़ाई का सपना देखने वालों के लिए भी बजट खुशखबरी लेकर आया है। पहले विदेशी टूर पैकेज, शिक्षा और इलाज पर लगने वाला टीसीएस 5% से 20% तक था, जिससे खर्च काफी बढ़ जाता था। अब सरकार ने इसे घटाकर सीधे 2% कर दिया है। यानी पढ़ाई हो, इलाज हो या विदेश घूमने का प्लान अब जेब पर पहले से कहीं कम बोझ पड़ेगा।
ITR फाइलिंग में सुधार का आसान मौका
रिटर्न भरते समय छोटी-सी गलती हो जाना आम बात है।. पहले इसे ठीक करना मुश्किल और लंबी प्रक्रिया थी। अब वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि करदाताओं को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। इसके लिए सिर्फ नाममात्र की फीस देनी होगी।
रिटर्न फाइल की तारीखें
सरकार ने रिटर्न फाइल करने की तारीखें भी साफ कर दी हैं। ITR-1 और ITR-2 भरने वाले करदाता 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। नॉन-ऑडिट बिजनेस और ट्रस्ट के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त होगी। इसके अलावा, छोटे करदाताओं के लिए लोअर या निल TDS सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑटोमैटिक कर दी गई है। जिससे टैक्स दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
NRI से प्रॉपर्टी खरीदना अब और आसान
अब तक किसी एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने पर टीडीएस काटने के लिए खरीदार को TAN नंबर लेना पड़ता था, जो आम लोगों के लिए परेशानी भरा था। बजट में इस झंझट को खत्म कर दिया गया है। अब खरीदार बिना TAN लिए सीधे टीडीएस काट सकेगा।
निवेश करना भी आसान
साथ ही, जिन निवेशकों ने कई कंपनियों में निवेश किया हुआ है, उनके लिए फॉर्म 15G और 15H की प्रक्रिया भी आसान बना दी गई है। अब डिपॉजिटरी ये फॉर्म स्वीकार कर सीधे संबंधित कंपनियों तक भेजेंगी। जिससे निवेशकों का काम घर बैठे पूरा हो सकेगा।
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