बिलासपुर। लूट के आरोपियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए सशस्त्र पुलिस कर्मी की लापरवाही से राइफल की गोली चल गई. आरक्षक की लापरवाही से गोली चलने से थाना दहल गया और थाने में अफरा– तफरी मच गई. वहीं लापरवाही पर एसएसपी ने आरक्षक को निलंबित कर दिया है.
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सरकंडा थाना क्षेत्र में 17 फरवरी को हुए लूटकांड के आरोपियों को पुलिस ने मिर्जापुर से गिरफ्तार किया है. इसके अलावा बिलासपुर से भी तीन आरोपी गिरफ्तार किये गये हैं. उनकी सुरक्षा के लिए सरकंडा थाना में पदस्थ आरक्षक नवल तिवारी की ड्यूटी लगाई गई थी. कल सुबह सोमवार को सात बजे आरक्षक नवल तिवारी ड्यूटी पर पहुंचा और मुंशी से एसएलआर राइफल ले ली. इस दौरान बिना मैग्जीन निकाले ही नवल ने ड्रिल शुरू कर दी. ट्रिगर पर हाथ लगते ही गोली चल गई और पूरा थाना गूंज उठा.

गोली की आवाज सुनकर थाने में अफरा– तफरी मच गई और सारे पुलिसकर्मी वहां जमा हो गये. जब गोली चली तब रायफल की नोक ऊपर की ओर थी और गोली थाने में लगे पंखे की ब्लेड को चीरते हुए छत में घुस गई. हालांकि गोली लगने से किसी को कोई चोट नहीं आई.
वहीं घटना की जानकारी लगते ही एसएसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक नवल तिवारी को निलंबित कर दिया है. इस संबंध में एसएसपी रजनेश सिंह ने मीडिया को बताया कि ड्यूटी बदलने के दौरान पुलिस कर्मियों को ड्रिल करनी होती है. आरक्षक में बिना मैग्जीन निकाले ही ट्रिगर दबा दिया था. जिससे गोली चली. लापरवाही पर आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है.
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