बक्सर। जिले से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जहां सामाजिक वर्जनाओं को दरकिनार कर दो युवतियों ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुन लिया है। यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ सफर
32 वर्षीय निशा (दो बच्चों की मां) और 18 वर्षीय पूजा (दोनों नाम परिवर्तित) की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। निशा पहले से रील बनाया करती थीं, जिससे प्रभावित होकर पूजा उनसे मिलने उनके घर पहुंची। धीरे-धीरे रील बनाने का यह सिलसिला गहरे प्यार में बदल गया और दोनों ने साथ जीने-मरने का फैसला कर लिया।
विंध्याचल से बक्सर तक का सफर
इस जोड़े ने पहले 4 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित विंध्याचल मंदिर में शादी रचाई। इसके बाद, 6 अप्रैल को बक्सर के ऐतिहासिक रामरेखा घाट पर हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दोबारा विवाह किया। पूजा ने इस रिश्ते में ‘पति’ की भूमिका स्वीकार की है, जबकि निशा उनकी ‘पत्नी’ बनी हैं। इस विवाह के गवाह वहां मौजूद पुजारी और स्थानीय लोग बने।
परिवार से जान का खतरा
इस शादी के बाद दोनों युवतियों के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है। पूजा और निशा का आरोप है कि उनके परिजन और निशा का पति उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पूजा ने बताया, परिवार वाले कह रहे हैं कि न घर आना, न गांव। हम कहीं भी रहकर अपना जीवन गुजार लेंगे, बस हमें सुरक्षा और सहारा चाहिए।
बच्चों से दूरी और भविष्य की चिंता
निशा के दो बच्चे हैं जो फिलहाल अपनी मौसी के घर रहते हैं। निशा के अनुसार, उनके पति काम के सिलसिले में बाहर रहते थे। अब शादी के बाद उनके पास घर लौटने का रास्ता बंद हो चुका है। फिलहाल यह जोड़ा अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रहा है, क्योंकि समाज और परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
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