उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को निर्देश दिया है कि वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में कई हुई हिंसा और अशांति से संबंधित एक मामले में आतंकवाद से जुड़े कठोर प्रावधानों वाले गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के इस्तेमाल का औचित्य स्पष्ट करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल करे। मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनआईए की तरफ से यूएपीए लगाने की वैधता अब कलकत्ता हाईकोर्ट तय करेगा। 

देश की शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान यह कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट इस मामले में NIA जांच का आदेश देने के केंद्र के फैसले को राज्य सरकार की चुनौती की भी जांच कर सकता है.

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से की गई अपील का निपटारा करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने राज्य सरकार से मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में NIA जांच के खिलाफ अपनी शिकायतों के साथ कलकत्ता हाई कोर्ट जाने को भी कहा. देश की शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान यह कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट इस मामले में NIA जांच का आदेश देने के केंद्र के फैसले को राज्य सरकार की चुनौती की भी जांच कर सकता है.

इससे पहले 16 जनवरी को, झारखंड में बेलडांगा के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर की कथित मौत को लेकर प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे 12 को करीब छह घंटे तक जाम कर रखा था. अगले दिन 17 जनवरी की सुबह भी, बिहार में मुर्शिदाबाद के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर के साथ कथित तौर पर बदसलूकी को लेकर सड़क और रेल जाम कर दिया गया था.

फिर 20 जनवरी को, हाई कोर्ट ने मुर्शिदाबाद जिले में बार-बार भड़क रही हिंसा और अशांति की घटनाओं पर चिंता जताई और पुलिस तथा प्रशासन को वहां शांति बनाए रखने का निर्देश दिया. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल की अगुवाई वाली एक डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार केंद्रीय सुरक्षा बलों को भी बुला सकती है.

कलकत्ता हाई कोर्ट में 2 जनहित याचिका दायर की गईं, जिनमें मांग की गई थी कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जाए, क्योंकि पड़ोसी राज्यों में प्रवासी मजदूरों पर कथित हमलों के सिलसिले में वहां हिंसा हुई थी.

हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार NIA से जांच कराने का फैसला करने के लिए राज्य सरकार की रिपोर्ट देखेगी. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को इस मामले में NIA जांच का आदेश दिया था.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m