राजभवन के द्वार पहुंचे सहायक प्राध्यापक परीक्षा के अभ्यर्थी, राज्यपाल ने बुलाकर सुनी समस्या

अभ्यर्थियों ने राज्यपाल की संवेदनशीलता के लिए दिया धन्यवाद

रायपुर। राजभवन में आज सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए वह खुशी का क्षण था जब वे अपनी मांगों को लेकर राजभवन गए और ज्ञापन देकर वापस लौट रहे थे. दरअसल वे बिना प्रक्रियाओं का पालन किए राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे थे. जब सुरक्षा अधिकारियों ने राज्यपाल को युवा अभ्यर्थियों की आने की सूचना दी, तो राज्यपाल ने प्रतिनिधिमण्डल की भावनाओं को समझते हुए बिना प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्होंने मुलाकात की अनुमति दी. उन्हें अंदर बुलाया गया और राज्यपाल ने उनकी समस्याओं को सुना और शासन स्तर पर समाधान करने का आश्वासन दिया.

राज्यपाल ने कहा कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनके द्वारा सभी रिक्त पदों पर भर्ती करने का निर्देश दिया गया है. इसमें शिक्षकों के साथ गैर शिक्षकीय पद भी शामिल है. इस संबंध में जल्द से जल्द प्रक्रियाओं को पूर्ण करने को कहा गया है. आपके समस्याओं का यथासंभव समाधान किया जाएगा. अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें राजभवन आने से पहले यह अपेक्षा नहीं थी कि इतनी आसानी से और बड़े ही सहज ढंग से राज्यपाल के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा. जब हम आए थे तब हमारा मन बोझिल और दुखी था, परन्तु अब शांत मन और प्रसन्न होकर वापस जा रहे हैं. इसके लिए हम राज्यपाल महोदया को धन्यवाद देते हैं.

प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन 04 से 06 मई 2020 को आयोजित किया जाना था, परन्तु वैश्विक महामारी कोरोना के कारण 05 से 08 नवंबर 2020 को आयोजित किया गया. वैश्विक महामारी कोरोना के कारण भर्ती परीक्षा स्थगित रही. उन्होंने कहा कि इस बीच न्यायालयीन प्रक्रिया तथा सेट-2018, नेट-2018, नेट-2019 व सेट-2019 के परिणाम आ जाने व स्थानीय लोगों के मांग पर उन्हें भी भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर दिया गया. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नोटिफिकेशन दिनांक 13-06-2018 में 01-07-2021 से सहायक प्राध्यापक हेतु पी.एच.डी. अनिवार्य अर्हता होने का उल्लेख है. छात्रहित को ध्यान रखते हुए छत्तीसगढ़ लोग सेवा आयोग द्वारा दिनांक 05-09-2020 के सूचना पत्र में इनका उल्लेख करते हुए सेट-2019 उत्तीर्ण होने वालो को पुनः आवेदन का अवसर प्रदान किया गया था.

छत्तीसगढ़ में शासकीय विश्वविद्यालयों में पी.एच.डी. के लिए सीमित सीटें हैं और निजी विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करना काफी खर्चीला है, जिससे छत्तीसगढ़ के कमजोर तबके से आने वाले होनहार विद्यार्थियों को तुरंत पी.एच.डी. करने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा. प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद अभी तक छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा केवल दो बार ही आयोजित की जा सकी है और तीसरी सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन विज्ञापित समयावधि पश्चात भी विभिन्न कारणों से अवसर दिये जाने से आवेदन व परीक्षा तिथि के बीच ही लगभग दो वर्ष हो चुका है, जबकि भर्ती प्रक्रिया अभी जारी है. प्रतिनिधिमण्डल ने सहायक प्राध्यापक के संभावित रिक्त पदों को सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2019 के विज्ञापन में ही समायोजित कर परीक्षा आयोजित करने का आग्रह किया.

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!
 
धन्यवाद, लल्लूराम डॉट कॉम के साथ सोशल मीडिया में भी जुड़ें। फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो करें एवं हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें।