बलौदाबाजार-अंबिकापुर। प्रदेश में सड़कों पर दौड़ते भारी वाहन मासूम जिंदगियों के लिए काल साबित हो रहे हैं. आज बलौदाबाजार और अंबिकापुर में हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की पोल खोल दी है. इन हादसों में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवती अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही है.

बलौदाबाजार में भाई-बहन को हाईवा ने रौंदा
बलौदाबाजार के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सकरी आईटीआई के पास रेत से भरे एक तेज रफ्तार हाईवा ने मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन को अपनी चपेट में ले लिया. मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बलौदी निवासी रूपेश चेलक (19 वर्ष) अपनी बहन लासिकी चेलक (21 वर्ष) को लेकर अपने जीजा के घर बलौदाबाजार आ रहा था. इसी दौरान अनियंत्रित हाईवा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी.
राहगीरों की मदद से दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने रूपेश को मृत घोषित कर दिया. वहीं, उसकी बहन लासिकी की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने हाईवा चालक को हिरासत में ले लिया है और वाहन को जब्त कर जाँच शुरू कर दी है.
अंबिकापुर रिंग रोड पर ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौत
दूसरी ओर, अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में रिंग रोड नमना कला के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को कुचल दिया. बताया जा रहा है कि बाइक चालक बाजार से सामान लेकर वापस लौट रहा था, तभी ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई.

हादसे के बाद रिंग रोड पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और जाम की स्थिति निर्मित हो गई. सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराया. फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है, पुलिस शव की शिनाख्त करने के प्रयास में जुटी है.
जागरूकता अभियान पर उठते सवाल
इन घटनाओं ने पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे यातायात जागरूकता अभियानों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहन चालक बेखौफ होकर शहरों के भीतर तेज रफ्तार से गाड़ियां दौड़ा रहे हैं, जिन पर लगाम कसने में विभाग नाकाम साबित हो रहा है.
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