अमृतसर/चंडीगढ़। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने के संवेदनशील मामले में पंजाब पुलिस के ‘ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन’ ने बड़ा कदम उठाया है। मामले की जांच को और अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने के लिए एक नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

डायरेक्टर एल.के. यादव (IPS) द्वारा चंडीगढ़ से जारी आदेशों के अनुसार, पूर्व के सभी आदेशों को रद्द कर इस नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर (IPS) इस पूरी जांच की निगरानी करेंगे। नानक सिंह (IPS) को SIT का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

SIT के अन्य प्रमुख सदस्य:

  1. दर्पण अहलूवालिया (IPS): एसएसपी, खन्ना।
  2. गुरबंस सिंह बैंस (PPS): एसपी डिटेक्टिव, पटियाला।
  3. सुखनाज सिंह (PPS): एसपी स्पेशल ब्रांच, मोहाली।
  4. हरमिंदर सिंह (PPS): एसीपी, अमृतसर।
  5. रजवंत कौर: सब-इंस्पेक्टर, एसएचओ सी-डिवीजन।

कानूनी कार्रवाई की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इस मामले में अमृतसर के थाना सी-डिवीजन में 7 दिसंबर 2025 को एफआईआर नंबर 168 दर्ज की गई थी। जांच टीम इन गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है। 295, 295-A (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 409 (विश्वासघात), 465 (जालसाजी) और 120-B (आपराधिक साजिश)।

निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच पर जोर

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस कमिश्नर अमृतसर इस टीम को हर प्रकार का प्रशासनिक और लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान करेंगे ताकि जांच निष्पक्ष, वैज्ञानिक और त्वरित तरीके से पूरी हो सके। जरूरत पड़ने पर टीम में अन्य विशेषज्ञों को भी शामिल करने की छूट दी गई है।