अरविन्द मिश्रा, बलौदाबाजार। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने दो दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। अपहरण कर नाबालिग के साथ बार-बार दुष्कर्म करने वाले आरोपी और उसके सहयोगी को अपर सत्र न्यायाधीश ने 20-20 वर्ष के कठोर कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र का है।

विशेष लोक अभियोजक भाटापारा संजय बाजपेयी ने प्रकरण के बारे में बताया कि पीड़िता के पिता ने 11.08.2024 को भाटापारा ग्रामीण थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग लड़की 10.08.2024 को सुबह 8.00 बजे घर से स्कूल जा रही हूं कहकर निकली थी, जो अभी तक वापस घर नहीं लौटी है, जिसका आसपास व रिश्तेदारों में पता किया गया, कहीं पता नहीं चला। रिपोर्ट पर थाना द्वारा गुम इंसान दर्ज कर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर अन्यत्र भगा ले जाने की शंका पर अपराध कायम कर प्रार्थी व गवाहों का कथन दर्ज किया गया।

प्रकरण के विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक पुष्पा राठौर ने विवेचना के दौरान पीड़ित को आरोपी दुष्यंत टंडन निवासी ग्राम राजाढार के कब्जे से दिनांक 02.09.2024 को सह-आरोपी कुलदीप मनहरे के ग्राम नयापारा स्थित मकान से बरामद किया, जहां पूछताछ में पीड़ित ने आरोपी दुष्यंत टंडन द्वारा शादी का प्रलोभन देकर बहला-फुसलाकर भगा ले जाकर अपने दोस्त कुलदीप मनहरे के मकान में रखकर शारीरिक संबंध स्थापित करना बताया। पीड़ित के कथन अनुसार पीड़ित का मुलाहिजा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जब्ती, मुलाहिजा, गवाहों के साक्ष्य आदि संपूर्ण विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

न्यायालय में सभी गवाहों के कथन लेखबद्ध हुए। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने अंतिम बहस में ऐसे अपराध के लिए आरोपियों को कठोर दंड दिए जाने का निवेदन किया, ताकि नाबालिग लड़कियों को भगाने एवं ऐसे अपराधों में कमी आए। अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल द्वारा प्रकरण की गंभीरता, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं गवाहों का परिशीलन करते हुए आरोपीगण द्वारा अपराध किया जाना प्रमाणित पाए जाने पर आरोपी दुष्यंत टंडन एवं उसका साथ देने वाले साथी कुलदीप मनहरे को पॉक्सो एक्ट की धाराओं में 20-20 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। शासन के लिए पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी द्वारा की गई है।