CG Bird Flu : बिलासपुर. जिले में बर्ड फ्लू के मामले को अब केंद्र सरकार ने गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है. इसी क्रम में एम्स के चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की केंद्रीय टीम सोमवार को बिलासपुर पहुंची और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. टीम ने सबसे पहले कोनी स्थित कुक्कुट पालन केंद्र का दौरा किया, जहां बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी. इसके साथ ही आसपास बनाए गए कंटेनमेंट जोन का भी बारीकी से निरीक्षण कर जमीनी हालात का आकलन किया.

कर्मचारियों से पूछताछ, मानव संक्रमण पर नजर
केंद्रीय टीम ने पोल्ट्री फार्म के कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की. बर्ड फ्लू के बाद किसी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण तो नहीं हैं, इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, टीम जरूरत पड़ने पर संदिग्ध लोगों के सैंपल भी ले सकती है, ताकि किसी भी संभावित मानव संक्रमण को समय रहते रोका जा सके.
10 किलोमीटर दायरे में सर्वे, गांवों तक पहुंचेगी टीम

मंगलवार को टीम प्रभावित पोल्ट्री केंद्र के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों अकलतरी, खैरा, नगोई समेत अन्य क्षेत्रों का दौरा करेगी. यहां ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर लोगों की मेडिकल जांच और सैंपलिंग भी की जाएगी. इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का भी जायजा लिया जाएगा.
रोकथाम उपायों की होगी गहन समीक्षा
केंद्रीय टीम यह भी जांच करेगी कि संक्रमण फैलने के बाद प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम कितने प्रभावी रहे. इसमें संक्रमित पक्षियों को नष्ट करने की प्रक्रिया, शवों के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था, क्षेत्र में सैनिटाइजेशन और डिसइंफेक्शन, सर्विलांस और मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की जा रही है.
विशेषज्ञ यह भी तय करेंगे कि भविष्य में ऐसे संक्रमण को रोकने के लिए किन अतिरिक्त उपायों की जरूरत है. पोल्ट्री फार्मों में बायो-सिक्योरिटी, नियमित स्वास्थ्य जांच और सतत निगरानी को लेकर दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं.
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