छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है, इस दस्तक के बाद कलेक्टर ने मुर्गी और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी है और इसके रोकथाम के लिए पूरा प्रशासन एक्टिव मोड़ में आ गया है.

शासकीय हेचरी सेंटर बैकुंठपुर में एविएन इन्फ्लुएंजा (H5N1) यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है. संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए गए हैं.

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने जिला स्तरीय कॉम्बेक्ट टीम को प्रभावित क्षेत्र में रवाना किया है. फिलहाल हेचरी और आसपास के इलाके में मुर्गी व अंडों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.

1 अप्रैल को हेचरी के 20 कर्मचारियों के नेजल स्वाब के सैंपल लेकर जांच के लिए एम्स रायपुर भेजे गए हैं. साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के एक किलोमीटर दायरे में घर-घर जाकर सर्वे किया और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

जरूरी दवाओं और जांच सामग्री की मांग की गई

बर्ड फ्लू से निपटने के लिए ओसिल्टामिविर जैसी आवश्यक. दवाओं और जांच सामग्री की मांग उच्च स्तर पर भेजी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है.