CG Crime News : रायपुर. वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग की खुफिया इकाई (DGGI) रायपुर जोनल यूनिट ने कर चोरी के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए मामले के मुख्य आरोपी अमन सिंह को गिरफ्तार किया है. कबीर नगर, रायपुर निवासी अमन सिंह पर 12.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप है. लंबे समय से फरार टैक्स चोरी के मास्टरमाइंड को विभाग की तकनीकी जांच के बाद 14 मार्च को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है.

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने ‘हिंदुस्तान कॉरपोरेशन’ (M/s Hindustan Corporation) के नाम से एक फर्जी फर्म खड़ी कर रखी थी. जब DGGI की टीम ने उसके द्वारा घोषित व्यावसायिक पते की जांच की, तो सामने आया कि उस स्थान पर फर्म का कोई भौतिक अस्तित्व ही नहीं था. यह पूरी फर्म केवल कागजों पर ही संचालित की जा रही थी.

आरोपी का मुख्य काम माल की वास्तविक आपूर्ति किए बिना ही फर्जी इनवॉइस (बिल) जारी करना था. इस फर्जीवाड़ा प्रणाली के जरिए उसने न केवल करोड़ों की टैक्स चोरी की, बल्कि कई अन्य लाभार्थी फर्मों को गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ भी पहुंचाया. विभाग का अनुमान है कि इस पूरे गोरखधंधे से सरकारी खजाने को लगभग 12.5 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान पहुंचा है.

अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अमन सिंह करीब एक साल तक फरार रहा और इस दौरान उसने जांच अधिकारियों के जारी किए गए कई समन का भी जानबूझकर पालन नहीं किया. हालांकि, एकत्रित किए गए ठोस साक्ष्यों और सक्रिय निगरानी के आधार पर DGGI की टीम ने उसे दबोचने में सफलता हासिल की. गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

DGGI की टीम अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. विभाग का मुख्य लक्ष्य उन अन्य व्यक्तियों और कंपनियों की पहचान करना है, जो इस फर्जी ITC नेटवर्क में लाभार्थी रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने पर टैक्स चोरी की सही और पूर्ण सीमा का पता चल सकेगा, जिसके बाद अन्य शामिल लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.