बिलासपुर। लूटपाट और हत्या के मामले में पुलिस ने सात माह बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। बिलासपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीघाट पुल के पास बैठे युवक से बदमाशों ने मारपीट की। इसमें युवक बेहोश हो गया। बदमाशों ने उसकी जेब से रुपये और मोबाइल निकाल लिए। इसके बाद बेहोश युवक को नदी में फेंक दिया। युवक का शव मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस ने युवक के मोबाइल को खोजने प्रयास किया। मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तब पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।
सीपत क्षेत्र के नरगोड़ा में रहने वाला राजेंद्र सूर्यवंशी (25) शहर में रहकर रोजी-मजदूरी करता था। अरपा नदी में 15 जुलाई 2025 को उसका शव मिला था। इसकी सूचना पर पुलिस की टीम ने शव कब्जे में लेकर पीएम कराया। इसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई।

जांच के दौरान परिजन ने बताया कि युवक का मोबाइल गायब है। लूटपाट की आशंका पर पुलिस ने युवक के मोबाइल की तलाश की। इसी दौरान पता चला कि राजेंद्र का मोबाइल पचरीघाट में रहने वाला शनि गंधर्व चला रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें वह गोलमोल जवाब दे रहा था। इसके बाद पुलिस ने युवक के साथियों की जानकारी जुटाई। इसमें पता चला कि एक नाबालिग से उसकी दोस्ती है। पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की। तब पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।
नाबालिग से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने एक बार फिर से शनि को हिरासत में लिया। इस बार पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तब उसने बताया कि वह विकास उर्फ भोले केंवट (20) के साथ शनिचरी से शराब पीकर नए पुल से पचरीघाट की ओर आ रहा था। पुल पर राजेंद्र अकेले बैठा था। उससे लूटपाट करने के लिए दोनों ने मारपीट की। इसमें राजेंद्र बेहोश हो गया। शनि और विकास ने उसकी जेब से रुपये और मोबाइल निकाल लिए। इसके बाद बेहोश शनि को पुल से नदी में फेंक दिया। आरोपियों का बयान दर्ज कर पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया है। न्यायालय के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया है।
दो बार थाने लाए, हर बार गोलमोल जवाब देता रहा आरोपी
युवक की लाश मिलने के बाद पुलिस उसके मोबाइल को सर्विलांस में रखकर तलाश कर रही थी। जनवरी महीने में सूचना मिली कि राजेंद्र के मोबाइल को पचरीघाट में रहने वाला शनि गंधर्व चला रहा था। तब पुलिस उसे लेकर थाने आ गई। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल जब्त किया। पूछताछ में उसने मोबाइल को पुल के पास लावारिस हालत में पाना बताया। दिनभर चली पूछताछ में वह लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। तब उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद उसे एक बार फिर से थाने लाया गया। तब भी वह गोलमोल जवाब दे रहा था। इसी बीच पुलिस ने एक नाबालिग से पूछताछ की। नाबालिग ने बताया कि शनि और विकास ने मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम दिया था। नाबालिग से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने विकास को भी पकड़ लिया। इसके बाद दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया।
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