CG News : गौरव जैन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही. छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 10वीं कक्षा के 12 छात्र बोर्ड परीक्षा से वंचित रह गए. छात्रों को प्रवेश पत्र नहीं मिला, जिससे वह परीक्षा हॉल नहीं पहुंच सके. ये सभी छात्र गौरेला ब्लॉक स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पकरिया के नियमित विद्यार्थी बताए जा रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि उन्हें नियमित रूप से स्कूल के बावजूद प्रवेश पत्र नहीं दिया गया. वहीं डीईओ ने बताया कि कम अटेंडेस के कारण एडमिट कार्ड जारी नहीं हुआ. हालांकि सूचित किया जाता तो व्यवस्था जरूर की जाती.

नहीं मिला प्रवेश पत्र, परीक्षा के वंचित हुए छात्र 

आनंद राम यादव, सुजल, सागर, यामनी, काजल सहित 12 छात्र परीक्षा देने उत्साह के साथ केंद्र पहुंचे थे, लेकिन प्रवेश पत्र नहीं मिलने के कारण उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया. छात्रों का कहना है कि वे नियमित रूप से स्कूल आते थे और उन्हें उम्मीद थी कि परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड मिल जाएगा, इसी वजह से उन्होंने अलग से प्रयास नहीं किया. छात्रों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उनकी उपस्थिति को लेकर न तो उन्हें और न ही उनके अभिभावकों को समय रहते कोई सूचना दी. उनका कहना है कि यदि उपस्थिति कम थी तो पहले चेतावनी दी जानी चाहिए थी. प्राचार्य से जानकारी मांगने पर उन्हें रायपुर जाने की सलाह दी जाती रही. सही जानकारी के अभाव में अंततः वे परीक्षा से वंचित हो गए.

शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, यदि किसी छात्र की उपस्थिति कम है या उसका एडमिट कार्ड रुक सकता है, तो इसकी सूचना समय रहते परिजनों को देना आवश्यक होता है. अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने इस संबंध में कोई पूर्व सूचना नहीं दी, जिससे बच्चों का पूरा एक साल प्रभावित हो गया.

जानकारी मिलती तो व्यवस्था जरूर की जाती : DEO

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बताया कि प्राचार्य से मिली जानकारी के अनुसार 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले छात्रों की सूची छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजी गई थी. बोर्ड से ही इन छात्रों के एडमिट कार्ड जारी नहीं हुए. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो एडमिट कार्ड की व्यवस्था जरूर कराई जाती.