रायपुर. एक व्यक्ति ने ड्राइवर को पैसे पहुंचाने के लिए भेजा. वाहन चालक ने एक्सीडेंट के बहाने लाखों रुपए की चपत लगा रहा था. उनका कहना था कि दुर्घटना होने के बाद किसी ने पैसे लेकर भाग गया. पुलिस ने लाखों रुपए हड़पने वाले दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

पीड़ित गगन जैन ने थाना मौदहापारा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह नंदनी अहिवारा वार्ड क्रमांक 04 जिला दुर्ग में रहता है और सीए का कार्य करता है. प्रार्थी का देवेन्द्र नगर सेक्टर 02 रायपुर में कार्यालय है. प्रार्थी के कार्यालय में कार्यरत योगेन्द्र वैष्णव विगत 03 वर्षो से ड्रायवरी का कार्य करता है. पीड़ित ने बातया जरूरत पड़ने पर योगेन्द्र वैष्णव को किसी क्लाईंट से पेमेंट लेने के लिए भी भेजता है. प्रार्थी मंगलवार को योगेन्द्र वैष्णव को एक्टीवा वाहन से अपने पारिवारिक भाई के पास पैसा लेने भेजा था. योगेन्द्र वैष्णव शैलेन्द्र नगर जाकर प्रार्थी के भाई से 05 लाख रूपए लेकर वापस आने के लिए निकला था, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर प्रार्थी ने योगेन्द्र वैष्णव के मोबाईल में फोन किया तो पता चला कि योगेन्द्र का रोड में एक्सीडेंट हो गया है. जिसे देखने के लिए प्रार्थी तत्काल मेकाहारा अस्पताल पहुंचा तो देखा कि योगेन्द्र के हाथ में चोट थी, जिसमें डाक्टर द्वारा प्लाॅस्टर किया गया था.

पीड़ित ने योगेन्द्र से 05 लाख रूपए के बारे में पूछताछ की तो योगेन्द्र बोला कि रोड में जब वह गिरा था, तब जिस बैग में पैसा रखा था उसे कोई आदमी ले गया. उसकी बात पर संदेह होने पर प्रार्थी द्वारा गहराई से पूछताछ करने पर योगेन्द्र पैसे के संबंध में गोल-मोल जवाब देने लगा. जिस पर प्रार्थी द्वारा सख्ती करने पर योगेन्द्र ने बताया कि वह पैसे को हड़प लेने के लालच में अपने दोस्त रूपराम निर्मलकर निवासी अहिवारा के साथ मिलकर प्लान किया और बाल गोपाल क्लिनिक के पास रूपयों से भरा बैग रूपराम को दे दिया था और वह स्वयं से गिरकर रूपए चोरी हो जाने की झूठी कहानी बताया. प्रार्थी के कर्मचारी योगेन्द्र वैष्णव द्वारा अपने साथी रूपराम के साथ मिलकर प्रार्थी का 05 लाख रूपये को षडयंत्रपूर्वक हड़प लिया गया था. जिस पर आरोपी योगेन्द्र वैष्णव और रूपराम निर्मलकर के विरूद्ध थाना मौदहापारा में अपराध क्रमांक 196/21 धारा 408, 120बी भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया.

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सायबर सेल, थाना मौदहापारा एवं थाना गंज की संयुक्त टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी सहित आरोपी योगेन्द्र वैष्णव से पूछताछ करने पर आरोपी योगेन्द्र वैष्णव द्वारा अपने साथी रूपराम के साथ मिलकर 05 लाख रूपए को हड़पना बताया गया. आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी रूपराम निर्मलकर के साथ एक सप्ताह पूर्व रकम हड़पने की योजना बनाया था तथा योजना के मुताबिक दोनों ने मिलकर घटना को अंजाम दिया. जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा घटना में संलिप्त रूपराम निर्मलकर की पतासाजी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नगदी 05 लाख रूपए जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध अग्रिम कार्रवाई की गई.