BJP अध्यक्ष ने CM बघेल को लिखा पत्र, कहा- हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी न्याय से वंचित आदिवासी महिला, सरकार दे ध्यान

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने आदिवासी महिला की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी आदिवासी महिला न्याय से वंचित हैं. उनको आरोपी डरा-धमका रहा है और प्रकरण वापसी के लिए मजबूर कर रहा है.

साय ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ लगातार हो रहे अन्याय की सरकार ध्यान दे. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहज-सरल स्वभाव के आदिवासियों के साथ रसूख़दार लोगों द्वारा राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण में हर स्तर पर अन्याय किया जा रहा है, प्रदेश सरकार इसे गंभीरता से लेकर अन्याय के हर स्तर पर प्रामाणिकता के साथ परिमार्जन की ईमानदार पहल करेगी, ऐसा मेरा व प्रदेश के लाखों अन्याय पीड़ित आदिवासियों का विश्वास है.

भाजपा अध्यक्ष साय ने कहा कि प्रदेश के रायगढ़ जिले की धरमजयगढ़ तहसील अन्तर्गत आने वाले छोटे-से गांव खम्हार में रहने वाली चारमती नामक आदिवासी महिला की जमीन को धरमजयगढ़ के आयुर्वेद डॉ. ख़ुर्शीद खान और उसके भाई नूरुल्लाह और अमीरुल्लाह ने अपने नौकर मृणाल मल्लिक को उक्त आदिवासी महिला का मुख़्त्यार बनाकर पूरी ज़मीन अपने नाम पर लिखा ली है. इस फ़र्जीवाड़े की रिपोर्ट करने पर पुलिस ने कोई भी कार्रवाई करने से साफ़ इंक़ार कर दिया. इसके बाद विशेष सत्र न्यायाधीश (रायगढ़) के न्यायालय में परिवाद पत्र पेश किया, जिसकी सुनवाई के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश ने आजाक थाना रायगढ़ पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश दिया.

साय का कहना है कि न्यायालय का आदेश होने पर पुलिस ने डॉ. ख़ुर्शीद खान, अमीरुल्लाह, नूरुल्लाह और मृणाल मल्लिक के विरुद्ध भादंवि की धारा 420, 120बी, 294, 506 भादंवि एवं धारा 3(1) (अ),1(ग) एट्रोसिटी एक्ट के तहत अपराध तो दर्ज कर लिया, परंतु आरोपियों को गिरफ़्तार नहीं किया. डॉ. खान की अग्रिम जमानत याचिका सेशन कार्ट से और हाईकोर्ट से ख़ारिज हो चुकी है एवं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच ने भी उसकी अपील ख़ारिज कर दी है, लेकिन इस बात की पुष्ट जानकारी मिली है कि पुलिस की उदासीनता और संरक्षण के कारण आरोपी डॉ. खान खुलेआम घूम रहा है और आदिवासी महिला को डरा-धमकाकर प्रकरण वापस लेने के लिए मज़बूर कर रहा है.

पत्र में लिखा है कि इस पूरे मामले में पुलिस केवल मूकदर्शक बनी बैठी है और डॉ. खुर्शीद खान को अभी भी गिरफ़्तार करने से इंक़ार कर रही है. थक-हारकर आदिवासी महिला चारमती ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाईकोर्ट के आदेश की नकल संलग्न करके यह ग़ुहार लगाई है कि धोखेबाज डॉक्टर को तत्काल गिरफ़्तार कराया जाए और उसे न्याय दिलाया जाए. उल्लेखनीय है कि डॉ. खुर्शीद खान की गिरफ़्तारी पर रोक लगाने से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इंक़ार करते हुए उसकी समस्त याचिकाएं खारिज कर दी हैं.

साय ने कहा कि आदिवासियों के प्रति पूरी संवेदना के साथ उनके हितों की रक्षा का वादा करके कांग्रेस सत्ता में आई है, लेकिन कतिपय तत्व राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण हासिल करके आदिवासियों की ज़मीन हड़प कर रहे हैं और भोले-भाले आदिवासी न्याय पाने के लिए दर-ब-दर की ठोकरें खाने को मज़बूर किए जा रहे हैं. यह स्थिति कांग्रेस व प्रदेश सरकार के कथन पर प्रश्नचिह्न लगाती है. साय ने आदिवासियों को न्याय दिलाने की मांग की है.

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