स्कूल शिक्षा सचिव से खास बातचीत: स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों ने जताई थी चिंता, जानिए कमलप्रीत सिंह ने क्या कहा ?

सत्यपाल राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ में 8वीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, जिससे स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित थे. इस मामले को लेकर लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण आयुक्त कमलप्रीत सिंह से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने अभिभावकों के सवाल और सुरक्षा के लिए स्कूल में क्या क्या व्यवस्थाएं हैं, इन सब मुद्दे पर बेबाकी से जवाब दिया. डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने कहा कि स्कूल खोलने से पहले शिक्षा विभाग तैयारियों का निरीक्षण कर रहा है. 2 अगस्त से डेढ़ साल बाद प्रदेश में स्कूल खोले जाएंगे.

सवाल-1- स्कूल खोलने से पहले सुरक्षा के मद्देनज़र जो आदेश जारी किए हैं उसका पालन हुआ है कि नहीं ये कैसे सुनिश्चित करेंगे ?

जवाब- lalluram.com से बातचीत करते हुए शिक्षा सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने कहा कि शासन के आदेशानुसार स्कूल खोला जा रहा है. सुरक्षा में कोई चूक न हो इसके मद्देनज़र तमाम आदेश पहले से जारी किया जा चुका है. जारी आदेश का कितना पालन हुआ है. इसके निरीक्षण के लिए टीम बनाई गई है, जो मौक़े में पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं. आदेशानुसार तैयारी की गई है या नहीं फ़िलहाल निरीक्षण का दौर जारी है.

सवाल- 2- बच्चों के लिए स्कूल खोला जा रहा है कौन कौन सी कक्षाएं संचालित की जाएगी ?

जवाब- स्कूल खुलेंगे तो कौन-कौन सी कक्षाएं संचालित की जाएंगी. इसको स्पष्ट करते हुए कहा कि फ़िलहाल 6वी, 7वीं, 9वीं और 11वीं की कक्षाएं संचालित नहीं होंगी. दसवीं और बारहवीं की कक्षा संचालन के लिए अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन कक्षा 1 से पांचवीं और आठवीं की कक्षा संचालन के लिए जन प्रतिनिधि पालक समिति के लिखित अनुशंसा ज़रूरी है. जिन कक्षाओं को संचालित करने की अनुमति नहीं दी गई है. उसके पीछे भी कारण है, जो कक्षाएं बोर्ड की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. उनको पहले प्राथमिकता दी गई है. आगे जैसी स्थिति नार्मल होगी. सभी कक्षाएं संचालित होगी. फ़िलहाल रोटेशन के हिसाब से फिफ्टी प्रतिशत विद्यार्थी ही कक्षा में उपस्थित रहेंगे, बाक़ी ऑनलाइन पहले की भांति संचालित रहेंगे.

सवाल-3- स्कूल खुलेगा तो क्या आप विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य है ?

सचिव ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि स्कूल खुलने पर उपस्थिति सबकी अनिवार्य नहीं है, जिन बच्चों को स्कूल आना है, वो ही स्कूल में ऑफलाइन कक्षा से पढ़ाई कर सकते हैं, जिनको नहीं आना है, वो पहले की भांति अपने घर से ही ऑनलाइन कक्षा से पढ़ाई करें, क्योंकि उपस्थिति अनिवार्य नहीं हैं.

सवाल- 4- कोरोना की स्थिति प्रदेश भर में एक जैसे हालात नहीं है तो क्या प्रदेशभर में स्कूल खोला जाएगा ?

जवाब- इसका जवाब देते हुए डॉक्टर कमलप्रीत ने कहा कि इसके लिए आदेश पहले से जारी हो चुका है कि जिन ज़िलों में कोरोना का संक्रमण दर एक प्रतिशत से ज़्यादा है. वहां स्कूल नहीं खुलेंगे जिन ज़िलों में 7 दिन से लगातार 1% कोरोना संक्रमण दर कम होने की स्थिति पर स्कूल खोलने की अनुमति दी गई है.

सवाल-5- कोरोना काल में सुरक्षा की बात को इग्नोर नहीं किया जा सकता स्कूलों में सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई है ?

जवाब- कोरोना एडवाइजरी के पालन के सख़्त निर्देश दिए गए हैं. स्कूलों में मास्क, थर्मल स्क्रीनिंग इसके अनुसार व्यवस्था के निर्देश जारी किया गया है. सोशल डिस्टेंससिंग के आधार पर विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है. साथ ही कक्षा की उपस्थिति भी निर्धारित की गई है, जिन विद्यार्थियों को सर्दी, खांसी और जुकाम है, उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

सवाल-6- विद्यार्थी स्कूल आएंगे वो भी रोटेशन के हिसाब से जो स्कूल आएंगे और जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आएंगे उनके लिए मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था कैसे की जाएगी ?

जवाब- स्कूल शिक्षा सचिव ने कहा कि मध्यान्ह भोजन को लेकर 17 बिन्दुओं के आधार पर निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जो विद्यार्थी स्कूल आएंगे, उन्हें इस स्कूल में ही गर्म खाना दिया जाएगा, जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनको खाना भत्ता दिया जाएगा.

ग़ौरतलब है कि इस स्कूल खोलने की सूचना मिलते ही अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, तो कई अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं. बच्चों को स्कूल भेजेंगे तो क्या वहां सुरक्षित रहेंगे ? स्कूल में क्या व्यवस्था होगी ? छोटे छोटे बच्चे कैसे कोरोना एडवाइजरी का पालन करेंगे ? इन तमाम सवालों को लेकर अभिभावक चिंतित हैं. इन सवालों का जवाब स्कूल शिक्षा सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने दिया है, जिससे अभिभावकों में उम्मीद जगी है.

देखिए वीडियो-

 

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