CG News : टुकेश्वर लोधी, आरंग. राजधानी रायपुर के आरंग क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. नगर के नया तालाब स्थित मुक्तिधाम में बना क्षेत्र का एकमात्र पोस्टमॉर्टम रूम (चीरघर) इन दिनों बदहाली और भारी अव्यवस्था का केंद्र बन गया है. आलम यह है कि यहां शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद फर्श पर फैले खून की सफाई तक नहीं की जा रही है, जिससे पूरा परिसर नरकीय स्थिति में तब्दील हो चुका है. शव को रखने के लिए यहां फ्रीजर की भी व्यवस्था है लेकिन शव को फ्रीजर से बाहर निकालने के बाद फ्रीजर की भी साफ सफाई नहीं हो रही है. फ्रीजर की जरूरत पड़ने पर मजबूर परिजन ही उसे साफ करने के बाद उपयोग करते है.


चारों ओर खून, साफ करने वाला कोई नहीं
आरंग क्षेत्र का यह इकलौता चीरघर है, जहां रोजाना औसतन एक शव का पोस्टमॉर्टम किया जाता है. इसके बावजूद यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. फर्श पर चारों ओर खून बिखरा पड़ा है, जिसे साफ करने वाला कोई नहीं है. गंदगी और सड़ांध के कारण चीरघर के भीतर पैर रखना भी दूभर हो गया है. असहनीय बदबू के कारण डॉक्टरों और पुलिस कर्मियों को अपनी ड्यूटी निभाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

इस सरकारी संस्थान की देखरेख के लिए न तो कोई स्थायी चौकीदार है और न ही पर्याप्त कर्मचारी. इसी लापरवाही का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों ने मुक्तिधाम में लगे बोरवेल की केबल और लाइटों पर हाथ साफ कर दिया है. बिजली और पानी की सुविधा बाधित होने से स्थिति और भी भयावह हो गई है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? चीरघर की सुध लेने वाला कोई नहीं है. स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा उन शोकाकुल परिजनों को भुगतना पड़ रहा है, जो पहले ही अपने किसी प्रियजन को खोने के गम में यहां पहुंचते हैं. स्थानीय नागरिक का कहना है कि क्या प्रशासन इतना संवेदनहीन हो गया है कि मौत के बाद भी इंसान को गरिमा नसीब नहीं हो रही? खून से लथपथ फर्श और बदबूदार कमरा हमारी व्यवस्था के मुंह पर तमाचा है.
उठ रहे कई सवाल
सफाई का अभाव: पोस्टमॉर्टम के बाद बायो-वेस्ट और खून का उचित निपटान क्यों नहीं हो रहा?
सुरक्षा में चूक: बिना चौकीदार के सरकारी संपत्ति (केबल, लाइट) की चोरी का जिम्मेदार कौन?
बुनियादी सुविधाएं: पानी और बिजली जैसी अनिवार्य सुविधाओं के बिना पोस्टमॉर्टम कैसे संभव है?
पानी-बिजली के अभाव से ऐसी स्थिति : BMO विजयलक्ष्मी
इस मामले खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) विजयलक्ष्मी अनंत का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रूम में पानी की व्यवस्था नहीं है. बिजली की व्यवस्था भी अपर्याप्त है. पोस्टमार्टम के बाद रुम की सफाई के लिए पानी की जरूरत है लेकिन पानी नहीं होने से ऐसी स्थिति बनी है. बीच बीच में नगर पालिका के सहयोग से पानी टैंकर का इस्तेमाल कर पोस्टमार्टम रूम को साफ किया जाता है.
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