आपकी जान परिवार के लिए बेशकीमती, व्यसन से नहीं जानी चाहिए एक भी जवान की जान- डीजीपी अवस्थी

पुलिसकर्मियों को व्यसन से दूर करने ‘नई सुबह’ कार्यक्रम की अभिनव शुरुआत

रायपुर। आप दूसरों की जान के लिये अपनी जान की परवाह भी नहीं करते हैं। चाहे नक्सल मोर्चा हो या नागरिकों की सुरक्षा, हर जगह मुस्तैदी से जान की बाजी लगाकर अपनी ड्यूटी करते हैं। पुलिस बल में कर्तव्यपथ पर जान चली जाये तो ये हमारे जवानों के पराक्रम की निशानी है, लेकिन व्यसन से एक भी जवान की जान नहीं जानी चाहिए हमारे प्रत्येक जवान का जीवन बेहद कीमती है। उक्त बातें डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज तीसरी बटालियन अमलेश्वर में व्यसन मुक्ति कार्यक्रम ‘नई सुबह’ के आरंभ के अवसर पर कहीं.

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डीजीपी अवस्थी ने कहा कि आपकी बहादुरी की तरह इच्छाशक्ति भी मजबूत होनी चाहिए। दृढ़ इच्छाशक्ति के जरिये ही व्यसनों से दूरी बनायी जा सकती है। आप अपने बच्चों और परिवार के बारे में भी ख्याल करिये। आपके बिना उनका जीवन अधूरा है। आप अपने परिवार के लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और बेशकीमती हैं। इस अवसर पर डीजीपी ने व्यसन मुक्ति के लिये नई सुबह कार्यक्रम की वेबसाईट की भी शुरुआत की। तीसरी बटालियन के कमांडेंट प्रखर पांडे ने कहा कि जैसे अन्य बीमारियों का इलाज है वैसे ही व्यसन का भी इलाज है। इससे आपका स्वास्थ्य और परिवार प्रभावित होता है। इस कैंप के माध्यम से आप अपने जीवन को और भी अनुशासित कर पायेंगे।

उल्लेखनीय है कि पुलिसकर्मियों को व्यसनों से दूर करने के लिये नई सुबह कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसमें राज्य के सभी ऐसे जवानों को बुलाया गया है, जो अलग-अलग प्रकार के व्यसनों से ग्रसित हैं। इनके लिए 30 जवानों का बैच बनाकर 15 दिन का विशेष कैंप आयोजित कर काउंसलिंग की जाएगी। इसके साथ ही योगा, मेडिटेशन, म्यूजिक थैरेपी आदि के जरिये व्यसनों से दूर करने की कोशिश होगी। कार्यक्रम में तीसरी बटालियन अमलेश्वर के कमांडेंट प्रखर पांडे, चौथी बटालियन माना के कमांडेंट आशुतोष सिंह, सातवीं बटालियन के कमांडेंट विजय अग्रवाल उपस्थित रहे।

व्यसन छुड़ाने ये आयोजन हो रहे कैंप में

पुलिसकर्मियों को व्यसनों से दूर करने के लिये नई सुबह कार्यक्रम में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। सुबह सबसे पहले विशेषज्ञों द्वारा योग और मेडिटेशन कराया जा रहा है। इसके बाद डॉक्टर्स द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण होता है। कार्यक्रम में व्यसनों को छुड़ाने के लिये विशेषज्ञ डॉक्टर भी बुलाये गये हैं। प्रतिदिन सायकेट्रिस्ट जवानों की काउंसिलंग कर उन्हें उपचार भी बता रहे हैं। पुलिसकर्मियों के लिये मोटिवेशनल स्पीकर भी आकर उन्हें व्यसन छोड़ने हेतु प्रेरित कर रहे हैं। इसके साथ ही मनोरंजन के लिये शाम को खेल, म्यूजिक, मूवी का आयोजन किया जा रहा है।

नई सुबह कार्यक्रम में आए जवानों ने बताई आपबीती

केस-1- कार्यक्रम में आये एक जवान ने बताया कि उसे बहुत दिन से नशे की लत लगी हुयी है। इसकी वजह से मेरी किडनी प्रभावित हो रही है। मेरे परिवार में सभी परेशान हैं। पत्नी, बच्चे सभी लोग बहुत समझाते हैं। कई बार कोशिश भी की लेकिन नहीं छोड़ पाया। अब इस कार्यक्रम में आने के बाद फिर उम्मीद है कि ये लत छूट पायेगी। मनोचिकित्सक ने आज कई ऐसी बातें बतायीं हैं जिन पर अमल जरूर करूंगा।

केस-2- एक जवान ने बताया कि सुदूर इलाके के एक कैंप में पदस्थ हूं। शौकिया नशे का सेवन शुरू किया जो अब लत बन गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति में खराब हो रही है। आज चेकअप में पता चला कि मेरा बीपी भी बहुत हाई है। कई बार झटके भी महसूस होते हैं। मनोचिकित्सक ने जांच की है। उन्होंने कई अच्छे टिप्स दिये हैं। नई सुबह कार्यक्रम से उम्मीद है कि यहां से जीवन की नई शुरूआत करूंगा।

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