दंतेवाड़ा। गीदम प्रदाय केंद्र में किए गए निरीक्षण में चावल के खराब स्टैकों और रिकॉर्ड में अनियमितताएं सामने आने के बाद गोदाम प्रभारी लिलेन्द्र पाणीग्राही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि 20 में से 18 स्टैकों में जाले के लट्ठे पाए गए और FIFO नियम का पालन नहीं किया गया, जिससे वितरण योग्य चावल उपलब्ध नहीं हो सका।

दरअसल, छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कार्पोरेशन लिमिटेड मुख्यालय नवा रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के एरिया ऑफिसर द्वारा 2 जनवरी 2026 को गीदम प्रदाय केंद्र में संचालनालय खाद्य के खाद्य निरीक्षक के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया। प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन (5 जनवरी 2026) में गोदाम क्रमांक 6 और 7 में भौतिक रूप से पाए गए 20 स्टैकों में से 18 स्टैकों के चावल के सैंपल में जाले के लट्ठे पाए गए। इसके कारण इन स्टैकों का चावल उचित मूल्य दुकानों में परिवहन योग्य नहीं पाया गया।

इसके अतिरिक्त, भौतिक निरीक्षण में पाए गए स्टैक क्रमांक 6/1, 6/6, 6/12, 7/5, 7/6 और 7/8 को ऑनलाइन जानकारी में “क्लियर” बताया गया था। स्टैक क्रमांक 7/11 भौतिक रूप से निरीक्षण के दौरान नहीं पाया गया, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड में उसमें 1,740 बोरियां दर्शाई गई थीं। FIFO (फर्स्ट इन फर्स्ट आउट) का पालन भी नहीं किया गया।

गीदम प्रदाय केंद्र के गोदाम प्रभारी लिलेन्द्र पाणीग्राही, वरिष्ठ सहायक, इन सभी अनियमितताओं के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाए गए। उनके द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर पाणीग्राही को कार्य में लापरवाही, कर्तव्य का पालन न करने और आदेशों की अवहेलना के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला कार्यालय कांकेर रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।