वीरेन्द्र गहवई, बिलासपुर। जिले में शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए एक प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शराब सेवन, अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार की गंभीर शिकायतों के बाद की गई है। मामला विकासखंड बिल्हा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मटियारी का है।


यहां पदस्थ प्रधान पाठक एलबी प्रताप सत्यार्थी के खिलाफ शाला समय में शराब सेवन करने, अन्य शिक्षकों से दुर्व्यवहार करने, नियमित रूप से देर से स्कूल आने और समय से पहले चले जाने जैसी गंभीर शिकायतें सामने आई थीं।
खबर सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। यह जांच विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा द्वारा की गई। जांच प्रतिवेदन में प्रधान पाठक प्रताप सत्यार्थी पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रधान पाठक का आचरण न केवल शिक्षकीय गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का भी खुला उल्लंघन है। सहकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और शराब सेवन की पुष्टि होने पर विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। इन्हीं तथ्यों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रताप सत्यार्थी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बिल्हा निर्धारित किया गया है। साथ ही निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही दिया जाएगा।

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