जमुई / विजय कुमार की रिपोर्ट… बिहार में शुक्रवार को चैती छठ पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। जमुई के किउल नदी सहित अन्य घाटों पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। व्रतधारियों ने 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास रखा। चार दिवसीय पर्व में पहले दिन ‘नहाय खाय’, दूसरे दिन ‘खरना’, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया।

पीले वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना की…


महिलाओं ने पारंपरिक साड़ी पहनकर पूजा की थाली सजाई। थाली में ठेकुआ, फल, नारियल, गन्ना, दीप और दूध रखा गया। पुरुष व्रतियों ने पीले वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना की। जिला प्रशासन ने घाटों पर पुख्ता व्यवस्था की। साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और प्रकाश व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।

पुलिस बल तैनात रहा…


श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा। व्रतियों ने विधिपूर्वक पूजा कर व्रत का पारण किया। लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और अगले वर्ष पुनः व्रत करने का संकल्प लिया। चैती छठ पर्व ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और पारिवारिक एकता का संदेश भी दिया। बिहार समेत पूरे जिले में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला।