अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. सपने बड़े हों तो छोटी-मोटी चीजों से लगाव नहीं होता. ऐसा ही एक उदाहरण शोहदवार गांव से सामने आया है. जहां के युवक दीन मोहम्मद ने अपने सपने के लिए आईटीआई की पढ़ाई और नौकरी की परवाह नहीं की. दीन मोहम्मद नामक युवक ‘हाफ आईटीआई चाट वाला’ नाम से चाट-गोलगप्पे का ठेला चलाता है. उसका यह अनूठा नाम और ठेला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. सड़क किनारे लगे इस ठेले को देखकर लोग अक्सर हैरान रह जाते हैं.
दीन मोहम्मद ने बताया कि उसके परिवार के अधिकांश सदस्य सरकारी नौकरी में हैं, लेकिन उसकी रुचि हमेशा से व्यवसाय में थी. परिवार के कहने पर उसने आईटीआई में दाखिला लिया था, लेकिन एक वर्ष पूरा होने के बाद उसने पढ़ाई छोड़कर अपना खुद का काम शुरू करने का फैसला किया. उसने आईटीआई की पढ़ाई के दौरान मिली छात्रवृत्ति की राशि का उपयोग कर एक ठेला और चाट बनाने का सामान खरीदा. इसके बाद उसने आईटीआई की पढ़ाई बीच में ही छोड़कर चाट और गोलगप्पे का व्यवसाय शुरू कर दिया. उसका मानना है कि नौकरी में आय सीमित होती है, जबकि व्यवसाय में मेहनत और प्रतिभा के बल पर ज्यादा कमाई की संभावना रहती है.
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दीन मोहम्मद के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसके प्रेरणास्रोत हैं. वह मोदी सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘कौशल विकास’ जैसी योजनाओं से प्रेरित होकर स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ा. उसने बताया कि वह चाहता तो आईटीआई की पढ़ाई पूरी कर छोटी-मोटी नौकरी कर सकता था, लेकिन उसने अपने बड़े सपने को प्राथमिकता दी.
आज दीन मोहम्मद का चाट स्टॉल काफी सफल है. उसके चाट और गोलगप्पे इतने लोकप्रिय हैं कि अब शादियों और बड़े आयोजनों में भी उसकी बुकिंग होने लगी है. शोहदवार गांव के मोड़ पर स्थित उसके ठेले पर दूर-दूर से लोग स्वाद लेने आते हैं. दीन मोहम्मद के इस साहसिक निर्णय और कड़ी मेहनत की आसपास के ग्रामीण भी सराहना करते हैं. सरकारी नौकरी की तलाश में लगे युवाओं के बीच दीन मोहम्मद आज स्वावलंबन और उद्यमिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है.
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