अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. चकिया क्षेत्र के सिंहर और बिसनपुरवा गांवों के ग्रामीण बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही से त्रस्त हैं. विभागीय अधिकारियों की अनदेखी और मनमाने रवैये के कारण ग्रामीणों को बार-बार विद्युत उपकेंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है. इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
सिंहर गांव निवासी लक्ष्मण चौरसिया ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर बिना किसी सूचना के दो बिजली कनेक्शन जारी कर दिए गए. मीटर लगाने के नाम पर उनसे आधार कार्ड लिया गया और 50 रुपये भी वसूले गए, लेकिन इसके बाद चकिया और शहाबगंज दोनों विद्युत उपकेंद्रों से उनके नाम पर अलग-अलग बिजली बिल आने लगे. लक्ष्मण का कहना है कि उन्होंने शहाबगंज से कभी बिजली नहीं ली, इसके बावजूद वहीं का बिल जमा करने का दबाव विभाग बना रहा है.
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वहीं गांव की मीरा देवी ने बताया कि उनके बेटे की किडनी खराब है और इलाज के कारण वह पहले से ही आर्थिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रही हैं. ऊपर से बिजली विभाग ने उनके नाम पर भी डबल कनेक्शन जारी कर दिया, जिससे उन्हें लगातार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. कलावती देवी, रीता देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने भी बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इसे पूरी तरह मनमाना बताया.
मामले पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि दशरथ चंद्र सोनकर ने कहा कि वर्ष 2018 में सौभाग्य योजना के तहत सिंहर और बिसनपुरवा गांवों में बिजली कनेक्शन दिए गए थे, लेकिन कई घरों में आज तक मीटर नहीं लगाए गए. अब बिना मीटर के ही मनमाने ढंग से बिल भेजे जा रहे हैं और कुछ ग्रामीणों के नाम पर डबल कनेक्शन भी कर दिए गए हैं. ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जब बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन तक नहीं उठा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है. ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द जांच कर गलत कनेक्शन और मनमाने बिलों से राहत दी जाए, अन्यथा वे आंदोलन को मजबूर होंगे.
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