Chandigarh Bomb Blast Update : तीन दिन पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित दो क्लबों के बाहर हुए बम धमाके की जांच में लारेंस गैंग का कनेक्शन सामने आया है। धमाके में शामिल एक क्लब संचालक गैंगस्टर संपत नेहरा का करीबी दोस्त बताया जा रहा है।
इस क्लब संचालक के खिलाफ तीन से चार केस दर्ज हैं और वह पहले जेल जा चुका है। 2018 में यह संचालक उस समय सुर्खियों में आया था, जब उसने चंडीगढ़ की पूर्व सांसद किरण खेर के करीबी सहयोगी सहदेव सलारिया पर गोलीबारी की थी। उस समय भी इसके लारेंस गैंग से जुड़े होने की बात सामने आई थी।
धमाके से पहले हुआ था विवाद
पुलिस जांच के दौरान एक फोन कॉल का खुलासा हुआ है, जो धमाके से करीब एक हफ्ते पहले क्लब संचालक को आई थी। यह कॉल लारेंस गैंग के करीबी काली के गुर्गे ने की थी। कॉल के दौरान काली के गुर्गे और क्लब संचालक के बीच बहस और गाली-गलौच हुई। बताया जा रहा है कि काली क्लब संचालक से पैसे के लेन-देन को लेकर नाराज था। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
पुलिस का बयान
चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि आरोपी जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। प्राथमिक जांच में यह मामला जबरन वसूली का नहीं, बल्कि निजी रंजिश का लग रहा है।

धमाके की घटना
मंगलवार सुबह करीब 3:15 बजे, बाइक पर सवार युवकों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में स्थित सेविल बार एंड लाउंज और डीओरा क्लब के बाहर बम फेंके। इस धमाके से क्लब के शीशे टूट गए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मशहूर रैपर बादशाह भी सेविल बार और लाउंज क्लब के सह-मालिकों में से एक हैं।
लारेंस गैंग ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है। गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर धमाकों को लेकर पोस्ट किया था, जिसे कुछ समय बाद डिलीट कर दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पोस्ट किस फोन से और कहां से अपलोड की गई थी।
- RBI की इतिहास की सबसे बड़ी सफाई! 9,446 नियम खंगाले, 5,673 तुरंत हटाए, जानें क्यों बदला पूरा सिस्टम
- Sidhu Moose Wala का नया गाना Bharota रिलीज, यूट्यूब पर कर रहा है ट्रेंड …
- अकाली दल को लगा बड़ा झटका, पार्टी के कई लोग हुए आप में शामिल
- ‘लोकतंत्र का चीर हरण होने से बचाएं…’, सांसद राजीव राय ने मऊ कलेक्टर को लिखा पत्र, कहा- S.I.R. प्रक्रिया में आ रही जन शिकायतों का समाधान करें, नहीं तो…
- महिलाओं का खतना POCSO ऐक्ट का उल्लंघन? प्रतिबंध की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस
