Chandra Grahan 2026 : साल का पहला चंद्र ग्रहण आज लगने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को विशेष और संवेदनशील काल माना जाता है. मान्यता है कि इसका प्रभाव व्यक्ति के मन, स्वास्थ्य और पारिवारिक वातावरण पर पड़ता है. ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. जिसका सूतक काल शुरू हो चुका है. ग्रहण से पहले और उसके दौरान कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक बताया गया है. नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके. धर्मग्रंथों में ग्रहण काल को साधना, संयम और सावधानी का समय माना गया है. ऐसे में घर-परिवार की सुख-शांति के लिए सूतक और ग्रहण से जुड़े नियमों को जानना जरूरी है.

सूतक काल में क्या करें और क्या न करें
चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो गया है जो 6:20 बजे से शुरू हो चुका है. अब शाम 6:46 बजे पर घर के साथ ही सूतक काल समाप्त होगा. इस अवधि में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए. मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और मूर्तियों को स्पर्श करने से बचना चाहिए. नाखून और बाल कटवाना वर्जित माना गया है.
सूतक काल में मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ और ध्यान करना शुभ माना जाता है. दूध, दही या अचार जैसी चीजों में पहले से कुशा रख देने की परंपरा है. बच्चों, वृद्धों, रोगियों और गर्भवती महिलाओं के लिए भोजन या दवा लेने में कोई दोष नहीं माना गया है.
ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें
ग्रहण की अवधि में भोजन पकाना और खाना अशुभ माना जाता है. इस दौरान सोना, तेल मालिश करना और नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची या सुई का उपयोग नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है. ग्रहण काल में झगड़ा, विवाद और नकारात्मक विचारों से दूरी रखनी चाहिए.
मंत्र जाप, ध्यान, हवन-कीर्तन करना शुभ माना गया है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर संकल्प अनुसार दान करना कल्याणकारी माना गया.
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