दिनेश कुमार द्विवेदी, मनेन्द्रगढ़। अमृतधारा महोत्सव के दौरान शुक्रवार को उस समय अप्रत्याशित स्थिति बन गई, जब नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव और उनके पति व विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव नाराज होकर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महोत्सव में जनप्रतिनिधियों और अतिथियों की उपस्थिति में मंचीय कार्यक्रम जारी था। इसी दौरान मंच से विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव का नाम पुकारा गया, लेकिन नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव का नाम नहीं लिया गया। बताया जा रहा है कि नाम पुकारे जाने के बावजूद सरजू यादव मंच पर नहीं गए और इसके बाद दोनों कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गए।

विवाद की एक वजह कार्यक्रम स्थल पर वाहन रोके जाने की घटना भी बताई जा रही है। विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर पुलिस द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की गई थी। इसी दौरान नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव और विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव के वाहन को प्रवेश द्वार पर रोक दिया गया।

आरोप है कि वाहन पर नेम प्लेट लगी होने और मौके पर परिचय देने के बावजूद उन्हें आगे नहीं जाने दिया जा रहा था। इस बात से दोनों जनप्रतिनिधि नाराज हो गए। बताया जाता है कि बार-बार रोके जाने और पहचान बताने के बाद भी प्रवेश न मिलने पर विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव ने गुस्से में आकर गाड़ी में लगा नगरपालिका अध्यक्ष का बोर्ड तोड़कर कार्यक्रम स्थल पर फेंक दिया।

इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल रहा। हालांकि, पुलिस और आयोजन समिति के सदस्यों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों जनप्रतिनिधि कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गए। घटना के बाद अमृतधारा महोत्सव की आयोजन समिति की व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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