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चारधाम यात्रा में यात्रा में मौत का आंकड़ा बढ़ते जा रहा है. अब तक कुल 63 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है. वही दर्शन के लिए श्रध्दालु की भीड़ भी बढ़ती जा रही है. 3 मई से शुरू हुई चार धाम यात्रा में अब तक 9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदार, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री दर्शन के लिए पंहुचे है. रिपोर्ट के मुताबिक बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य बिगड़ने से मौत हो रही है.

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पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं. केदारनाथ धाम में बर्फबारी हो रही है. भारी बारिश और बर्फबारी से केदारनाथ धाम के आसपास ठंड काफी बढ़ गई है और पारा माइनस में चला गया है. एक तो कड़ाके की सर्दी ऊपर से ऑक्सीजन की कमी के चलते यात्री दोहरी मुसीबत झेल रहे हैं.

चारधाम यात्रा

सबसे अधिक मामलें केदारनाथ यात्रा के दौरान दर्ज किए गए हैं. केदारनाथ यात्रा के दौरान कुल 63 में से 30 मौतें हुई हैं. यमुनोत्री में 19, बद्रीनाथ में 12 और गंगोत्री में चार श्रद्धालुओं की मौत हुई है. प्रशासन ने भी ये जानकारी दी गई थी कि चारधाम यात्रा के दौरान जो मौतें हुई हैं, उनमें से अधिकतर के पीछे दिल का दौरा पड़ना वजह रहा है.

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भारी बारिश और भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा रोक दी गई थी. श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही ठहरा दिया गया था. मौसम साफ होने के बाद सोनप्रयाग और गौरीकुंड से यात्रियों के दल को केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया गया. देखा जाए तो बारिश की वजह से केदारनाथ धाम के रास्ते में जाम अभी भी लगा है.

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केदारनाथ धाम में ITBP ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि पहाड़ पर जाने से पहले श्रद्धालु विशेष ध्यान रखें. मौसम विभाग ने 24 मई को उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट है. ये अलर्ट खास तौर पर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमौली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ के लिए है. बता दें कि गृह मंत्रालय ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आईटीबीपी तैनात किया हुआ है.