सारण (छपरा)। जिले में जहरीली शराब से मौत का एक और संदिग्ध मामला सामने आया है। मशरख थाना क्षेत्र के तख्त गांव में संतोष महतो नामक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मौत जहरीली शराब पीने से हुई है, जबकि प्रशासन इसे बीमारी बता रहा है।
”मरते-मरते कहा- कुछ दिखाई नहीं दे रहा”
मृतक की पत्नी लालमुनि देवी ने बताया कि मंगलवार शाम संतोष मजदूरी कर घर लौटे और खाना खाकर सो गए। सुबह उठते ही उन्होंने पेट दर्द और आंखों से धुंधला दिखने की शिकायत की। शौच के लिए नदी किनारे जाने पर उन्हें लगातार उल्टियां होने लगीं। पत्नी के अनुसार, “वे मरते-मरते बस यही कहते रहे कि मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।” अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
डॉक्टर और पुलिस के बयानों में विरोधाभास
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के दावों में बड़ा अंतर दिख रहा है। मशरख की डॉक्टर ललिता कुमारी ने स्पष्ट किया कि इलाज के दौरान संतोष ने खुद शराब पीने की बात कबूल की थी, जिसका जिक्र मेडिकल पर्ची में भी है। इसके उलट, एसडीपीओ संजय कुमार सुधांशु का कहना है कि उन्हें शराब से मौत की जानकारी नहीं है और शुरुआती जांच में मामला लीवर खराब होने का लग रहा है।
गांव में चर्चा: स्प्रिट पीने से गई जान
संतोष के भतीजे ने बताया कि गांव में चर्चा है कि उन्होंने मुकेश महतो नामक व्यक्ति से स्प्रिट खरीदकर पी थी। संतोष पेशे से पेंटर थे और अपने पीछे पत्नी सहित चार मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। हालांकि, परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
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