सारण। जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहां मांझी प्रखंड के मटियार गांव में शुक्रवार को एक ही परिवार के तीन बच्चों की सरयू नदी में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चे घर के लिए ईंधन (लकड़ी) इकट्ठा करने गए थे। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।

​गैस खत्म होने के कारण भूखा था परिवार

​घटना के पीछे की वजह बेहद मार्मिक है। मृतक गुंजन के बड़े भाई ने बताया कि उनके घर में पिछले दो दिनों से रसोई गैस का सिलेंडर खत्म था। सिलेंडर नहीं होने के कारण घर में चूल्हा नहीं जला था और परिवार को भोजन बनाने में भारी कठिनाई हो रही थी। इसी विवशता के कारण शुक्रवार की सुबह करीब 8 बजे गांव के सात बच्चे कुल्हाड़ी लेकर नदी के उस पार दियारा क्षेत्र में सूखी लकड़ियां काटने और चुनने के लिए निकले थे।

​पानी पीने के दौरान हुआ हादसा

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दियारा में लकड़ी काटने के दौरान 10 वर्षीय गुंजन कुमार को प्यास लगी। वह अपनी प्यास बुझाने के लिए सरयू नदी के घाट पर गया। पानी पीने के दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समाने लगा। अपने छोटे भाई को डूबता देख उसकी बहन रागिनी कुमारी (12 वर्ष) उसे बचाने के लिए बिना सोचे-समझे नदी में कूद गई, लेकिन पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण वह भी खुद को संभाल नहीं पाई।

​बचाने की कोशिश में तीनों की गई जान

​दोनों भाई-बहन को तड़पता देख उनकी मौसेरी बहन प्रियांशु कुमारी (13 वर्ष) ने भी साहस दिखाया और उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरी, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था, वह भी गहरे पानी की चपेट में आ गई। इस दौरान गुंजन का बड़ा भाई और एक अन्य युवक भी उन्हें बचाने के लिए नदी में कूदे थे, लेकिन पानी के तेज दबाव के कारण वे असफल रहे और किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकले।

​परिजनों में मचा कोहराम

​मृतकों की पहचान मटियार गांव निवासी पप्पू महतो के पुत्र गुंजन कुमार, पुत्री रागिनी कुमारी और उनके रिश्तेदार कृष्णा महतो की पुत्री प्रियांशु कुमारी के रूप में हुई है। ये तीनों आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों शवों को नदी से बाहर निकाला गया। एक साथ तीन मासूमों की मौत से परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।